देश की खबरें | यशवंत सिन्हा ने दलगत राजनीति में वापसी की वस्तुत: घोषणा की

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पटना, 27 जून भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने शनिवार को यह कहकर दलगत राजनीति में अपनी वापसी का वस्तुत: ऐलान किया कि वह एक संगठन बनाएंगे जो इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उतरेगा और एक “बेहतर बिहार” बनाने के लिये राज्य से राजग सरकार को हटाएगा।

सिन्हा ने यह घोषणा यहां अपने संगठन ‘राष्ट्र मंच’ की एक बैठक में की। उनकी बात से लोगों को हैरानी भी हुई क्योंकि उन्होंने दो साल पहले दलगत राजनीति से ‘संन्यास’ ले लिया था और देश में लोकतंत्र बचाने का संकल्प लिया था।

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उन्होंने दो साल पहले भाजपा छोड़ दी थी।

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्र में वित्त और विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके सिन्हा नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों और कार्यशैली के मुखर आलोचक रहे हैं। उन्होंने बिहार में महागठबंधन से चुनावी गठजोड़ के विकल्प खुले रखे हैं। महागठबंधन में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल हैं।

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उन्होंने कहा, “जो कोई भी आकर हमसे जुड़ता है हम उसका स्वागत करेंगे।”

सिन्हा ने कहा, “जहां तक (बिहार विधानसभा) चुनावों की बात है तो मेरी पार्टी लड़ेगी। ऐसा नहीं है कि चुनाव लड़ने को लेकर मुझे कोई आपत्ति है। हम (प्रस्तावित गठबंधन) बेहतर बिहार बनाने के लिये अपनी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे।”

उनके द्वारा प्रस्तावित गठबंधन में पार्टी के हित के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा लेकिन बिहार के कई नेता इसे लेकर उनके संपर्क में थे।

पार्टी के नाम के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा कि जैसे ही इस पर फैसला ले लिया जाएगा वो इसकी घोषणा करेंगे।

वयोवृद्ध नेता हालांकि उस सवाल का गोल मोल जवाब देकर निकल गए जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुद भी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने कहा, “जब मैं वहां पहुंचुंगा तो उस पुल को पार करूंगा।”

राज्य की “बदहाल” स्थिति के लिये नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार को “सीधे जिम्मेदार” ठहराते हुए उन्होंने कहा कि वह मौजूदा सरकार को हटाने के लिये ‘‘बेहतर बिहार बनाओ’’ का नारा लेकर आए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, “बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राजग सरकार करीब 15 सालों से सत्ता में होने के बावजूद इच्छित विकास नहीं कर पाई।” उन्होंने बिहार सरकार को लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले सभी क्षेत्रों में राज्य की खराब स्थिति के लिये उसे जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा, “जब तक मौजूदा सरकार को प्रदेश से हटा नहीं दिया जाता तब तक बिहार को बेहतर बनाने के लिये काम करना बेहद मुश्किल होगा। मौजूदा प्रदेश सरकार को हटाना बेहतर बिहार बनाने की दिशा में पहला कदम होगा।”

सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और भ्रष्टाचार चरम पर है क्योंकि “बिना घूस के कुछ नहीं चलता।”

उन्होंने कहा, “हम लोगों के जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर हर हफ्ते तथ्यों के साथ आएंगे…मैं तथ्यों के साथ इसे मीडिया के सामने पेश करूंगा और थाली नहीं पीटेंगे और न ताली बजाएंगे।”

उनका इशारा परोक्ष रूप से, जनता कर्फ्यू के दौरान 22 मार्च को अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले लोगों के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऐसा करने के लिए किए गए आह्वान पर था।

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