ताजा खबरें | दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी एमसीडी चुनाव से भाग रही है: संजय सिंह
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में दिल्ली में नगर निगम चुनाव टालने का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन चुनावों से भाग रही है।
नयी दिल्ली, 24 मार्च आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में दिल्ली में नगर निगम चुनाव टालने का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन चुनावों से भाग रही है।
उच्च सदन में रेल मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी से तीन बार करारी शिकस्त खाने के बाद भाजपा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सामना करने से डर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘एमसीडी का चुनाव हो रहा है और भाग रहे हैं आप लोग (भाजपा)...हिम्मत है तो चुनाव लड़ो ना।।’’
सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के खिलाफ भाजपा की तीन बार दिल्ली में जमानत जब्त हो गई।
उन्होंने कहा, ‘‘एक बार तीन सीट लेकर स्कूटर पार्टी बन गए। दूसरी बार इनोवा पार्टी बन गए, आठ सीटें आई। तीन बार से हार रहे हैं। और अब एमसीडी के चुनाव से भाग रहे हैं... (आप आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द)केजरीवाल से सामना नहीं कर सकते। चुनाव से इतना डरते हैं।’’
उन्होंने कहा कि एमसीडी चुनावों को टालकर भाजपा देश के प्रधानमंत्री की छवि खराब कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारा 56 इंच का सीना है। आप कहते हैं कि हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी एमसीडी के चुनाव से भाग रही है। डर रही है केजरीवाल से।’’
ज्ञात हो कि दिल्ली की तीनों नगर निगमों-- उत्तर, पूर्व और दक्षिण--को एकीकृत करने संबंधी विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के से आम आदमी पार्टी भाजपा पर नगर निगम चुनाव टालने का आरोप लगा रही है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर भगवा पार्टी इन चुनावों को समय पर कराकर जीत हासिल करती है तो आम आदमी पार्टी राजनीति छोड़ देगी।
इस दौरान, सिंह ने रेलवे में रिक्तियों का मामला भी उठाया और कहा कि 2019 में रेलवे भर्ती बोर्ड ने परीक्षाओं के आयोजन की घोषणा की थी। इसके बाद छात्रों ने प्रारंभिक, मुख्य और चिकित्सा परीक्षा भी पास कर ली लेकिन आज तक उन्हें नौकरी नहीं मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘बेरोजगारों के प्रति सरकार का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। और जब छात्र इसके खिलाफ सड़कों पर उतरते हैं तो यह सरकार उनके साथ दुश्मनों सा रवैया अपनाती है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ने रेल में सुरक्षा के रखरखाव से लेकर सिग्नल और स्टेशनों तक के रखरखाव में ठेका प्रथा लागू कर रोजगार को समाप्त कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निजीकरण और आरक्षण के लाभार्थियों का हक मारने के लिए रेल में नौकरियां नहीं निकाल रही है।
उन्होंने कहा कि रेल की आमदनी में 7.8 प्रतिशत की कमी आई है और इसके बावजूद यह सरकार राजनीतिक कारणों से रेल के नुकसान को तैयार रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए श्रद्धालुओं को छोड़ने स्टेशन जा रहे थे लेकिन उन्हें इसके लिए अनुमति नहीं दी गयी।
सिंह ने कहा कि उन्होंने रेल मंत्री को फोन किया और मैसेज किए लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री का यह व्यवहार बहुत दुखद है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे निर्वाचित मुख्यमंत्री को आपका रेलवे विभाग अपमानित करेगा और हम आपसे बात करना चाहेंगे तो फोन पर नहीं आएंगे, मैसेज का कोई जवाब नहीं देंगे। यह व्यवहार ठीक नहीं है। बहुत ही दुखद है यह व्यवहार।
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