देश की खबरें | गाजीपुर बॉर्डर पर स्वच्छ शौचालय नहीं होने से महिला प्रदर्शनकारियों को परेशानी
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नयी दिल्ली, पांच दिसंबर गाजीपुर बॉर्डर पर महिला प्रदर्शनकारियों को शौचालयों में साफ-सफाई नहीं होने के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन में शामिल होने के लिए आईं सीता आर्य (34) शौचालय का उपयोग करने के लिए तड़के चार बजे उठकर करीब दो किलोमीटर दूर जाती हैं।
प्रदर्शनस्थल पर शौचालयों में सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पिछले कई दिनों से आर्य की यही दिनचर्या है।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा से आईं सीता ने कहा, '' अगर हम प्रदर्शनस्थल पर स्थित शौचालयों का उपयोग करें तो कोरोना वायरस से नहीं, उसकी गंदगी के कारण जरूर मर जाएंगे।''
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आकर पिछले पांच दिनों से गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन में डटीं 50 महिलाओं में शामिल सीता भी एक किसान हैं।
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प्रदर्शनस्थल के अस्थायी शौचालयों में सफाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रदर्शनकारी महिलाओं को आसपास के खाली प्लॉट अथवा खेतों का सहारा लेना पड़ता है।
महिला प्रदर्शनकारियों की शिकायत है कि शौचालयों की व्यवस्था तो की गई लेकिन इनकी साफ-सफाई को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।
ऐसे में सीता दो अन्य महिला प्रदर्शनकारियों के साथ करीब दो किलोमीटर दूर जाकर शौचालय का उपयोग करती हैं जिसके लिए उन्हें पांच रुपये का भुगतान करना पड़ता है जबकि स्नान करने के लिए 10 रुपये चुकाने पड़ते हैं।
इस बीच, फ्लाईओवर के नीचे खुले में सोने को मजबूर कई प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि अपनी सुरक्षा के चलते बारी-बारी से कुछ महिलाएं सोती हैं जबकि कुछ जागती रहती हैं।
एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा, '' अपनी सुरक्षा अपने ही हाथ में है।''
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