देश की खबरें | कर्नाटक विधानमंडल का शीतकालीन सत्र नंबवर के अंत में बेलगावी में बुलाया जाए : विधानपरिषद अध्यक्ष

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक विधान परिषद के अध्यक्ष बसावराज होराट्टी ने मुख्यमंत्री बसावराज बोम्मई को पत्र लिखकर राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र नवंबर के अंत में या दिसंबर के पहले सप्ताह में बेलगावी में आहूत करने का अनुरोध किया है, ताकि अगले साल जनवरी में सेवानिवृत्त हो रहे 25 पार्षदों को सत्र में शामिल होने और अपने मुद्दों को उठाने का मौका मिल सके।

बेंगलुरु, 31 अक्टूबर कर्नाटक विधान परिषद के अध्यक्ष बसावराज होराट्टी ने मुख्यमंत्री बसावराज बोम्मई को पत्र लिखकर राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र नवंबर के अंत में या दिसंबर के पहले सप्ताह में बेलगावी में आहूत करने का अनुरोध किया है, ताकि अगले साल जनवरी में सेवानिवृत्त हो रहे 25 पार्षदों को सत्र में शामिल होने और अपने मुद्दों को उठाने का मौका मिल सके।

होराट्टी ने 30 अक्टूबर को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘मैंने बेलगावी में विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आहूत करने को लेकर आपसे चर्चा की थी और आप इसपर सहमत हुए थे। मीडिया में भी बेलगावी में विधानमंडल सत्र आयोजित करने को लेकर आपके बयान की खबर आई है। इसलिए आपसे अनुरोध है कि विधानमंडल का सत्र नवंबर के आखिर या दिसंबर के पहले सप्ताह में आहूत करें।’’

उन्होंने अपने पत्र में रेखांकित किया कि स्थानीय निकायों से निर्वाचित 25 विधान पार्षद पांच जनवरी 2022 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे इन विधान पार्षदों को सत्र में शामिल होने और अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को उठाने और उनका समाधान तलाशने का मौका मिलेगा।

होराट्टी ने कहा, ‘‘इस संदर्भ में, मेरा मानना है कि विधानमंडल सत्र की समय सारिणी की पहले से घोषणा सभी के लिए मददगार साबित होगी।’’

गौरतलब है कि पिछले महीने बोम्मई ने कहा था कि सरकार राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र बेलगावी में आहूत करने पर विचार कर रही है और वह इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए रखेंगे।

योजना के तहत दिसंबर में अगर विधानमंडल का सत्र बेलगावी में आयोजित होता है तो वर्ष 2019 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद पहली बार बेलगावी में विधायिका बैठेगी।

बेलगावी उत्तर कर्नाटक का शहर है जिसकी सीमा महाराष्ट्र से लगती है और वर्ष 2006 से ही (2020 को छोड़कर) साल में एक बार विधानमंडल का सत्र यहां आहूत होता रहा है। कर्नाटक ने विधानसौधा (राज्य विधानसभा की इमारत) के मॉडल पर यहां सुवर्ण विधानसौधा का निर्माण कराया है, ताकि यह प्रदर्शित किया जा सके कि यह शहर राज्य का हिस्सा है, जिसपर महाराष्ट्र भी दावा करता है।

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