नयी दिल्ली, 10 अगस्त विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैल रहे सार्स-कोव-2 वायरस के ईजी.5 स्वरूप को ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ (वीओआई) के रूप में वर्गीकृत किया है।
संगठन ने हालांकि कहा है कि यह अन्य स्वरूपों की तुलना में अधिक खतरनाक नहीं लगता है।
अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) के अनुसार ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ पूर्व में हुए संक्रमण या टीकाकरण के दौरान उत्पन्न एंटीबॉडी द्वारा संक्रमण के प्रभाव को कम करने, नैदानिक प्रभाव तथा संभावित उपचार को कम करने या संक्रमण को प्रसारित करने या बीमारी की गंभीरता में वृद्धि करने से संबंधित है।
सार्स-कोव-2 का ईजी.5 या एरिस स्वरूप का मामला पहली बार इस साल 17 फरवरी को दर्ज किया गया था और 19 जुलाई को निगरानी के तहत एक स्वरूप (वीयूएम) के रूप में नामित किया गया था।
डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को ईजी.5 और इसके उप-स्वरूप को वीओआई के रूप में नामित किया।
इसने कहा कि ईजी.5 ओमीक्रॉन उपस्वरूप एक्सबीबी.1.9.2 का एक रूप है।
भारत में इस साल मई में अब तक पुणे से ईजी.5 का केवल एक मामला सामने आया है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, वैश्विक स्तर पर, ईजी.5 के अनुपात में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। महामारी विज्ञान सप्ताह 29 (17 से 23 जुलाई, 2023) के दौरान, ईजी.5 का वैश्विक प्रसार 17.4 प्रतिशत था।
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