देश की खबरें | 'डबल इंजन' सरकार ने मणिपुर में क्या किया: डी राजा
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चेन्नई, 25 जुलाई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद को बाधित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
डी राजा ने कहा कि मौजूदा स्थिति अडाणी विवाद पर केंद्र के रुख के समान प्रतीत होती है।
भाकपा नेता ने आरोप लगाया कि मणिपुर हिंसा पर चर्चा की अनुमति न देना सत्ताधारी दल का कदम और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी के जवाब की विपक्ष की मांग को पूरा करने में विफल होना अलोकतांत्रिक था।
भाकपा के वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘ भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा संसद को क्यों ठप किया जा रहा है? हमारे लोकतंत्र में संसद सर्वोच्च संस्था है क्योंकि भारतीय न्यायविद् बी.आर. आंबेडकर ने स्वयं कहा था कि संसद लोगों की संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधित्व करती है। ’’
उन्होंने कहा कि इस साल फरवरी में भी संसद ठप हो गई थी क्योंकि सरकार अडाणी मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती थी।
राजा ने दावा किया, ‘‘ अब विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' प्रधानमंत्री से मणिपुर की घटनाओं पर विस्तृत ब्योरा पेश करने और उसके बाद इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री चुप हैं। ’’
उन्होंने कहा कि मोदी हमेशा संसद को लोकतंत्र का मंदिर बताते हैं और जी-20 की बैठक में उन्होंने कहा था कि भारत लोकतंत्र की जननी है। लेकिन, उन्होंने अब विपक्ष की मांग को स्वीकार नहीं करना ही बेहतर समझा है।
वामपंथी नेता ने कहा, ‘‘यदि संसद निरर्थक हो गई तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा, यह बात लोगों को समझनी चाहिए। इसीलिए, विपक्षी दल घमासान युद्ध के मैदान में तब्दील होते जा रहे मणिपुर संकट पर चर्चा की मांग कर रहे हैं।’’
उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह को हटाने और हिंसा तुरंत रोकने की मांग की।
डी राजा संवाददाताओं को संबोधित करने के बाद जैसे ही बाहर निकले, उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़े। पार्टी के सहयोगियों ने उन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज किया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई।
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