देश की खबरें | वक्फ संशोधन विधेयक संपत्तियों को कब्जों और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने में कारगर साबित होगा: योगी आदित्यनाथ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 का पारित होना वक्फ संपत्तियों से संबंधित मुद्दों को हल करने के साथ ही अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लखनऊ, चार अप्रैल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 का पारित होना वक्फ संपत्तियों से संबंधित मुद्दों को हल करने के साथ ही अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के पारित होने पर सभी को बधाई देते हुए योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के साथ ही वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने में कारगर सिद्ध होगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘देश की संप्रभुता को सुदृढ़ करते इस लोक-कल्याणकारी प्रयास हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी का कोटिश: आभार।’’
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस कदम की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक फैसला और मोदी के नेतृत्व में एक बड़ा सुधार बताया।
मौर्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन विधेयक पास होने पर देश के उन गरीब मुस्लिम परिवारों को बधाई, जिन्हें इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जैसे अनुच्छेद 370 और 35ए हटाकर देश को ‘राष्ट्रीय कैंसर’ से मुक्त किया, श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनवाया, तीन तलाक की प्रथा समाप्त कर मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाया, वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक से भ्रष्टाचार खत्म होगा और जरूरतमंदों को उनका हक मिलेगा।’’
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में यह एक और बड़ा कदम है। जो आज इसका विरोध कर रहे हैं, वे आने वाले समय में इसके दूरगामी लाभ देखकर स्वयं माफी मांगेंगे।’’
बुधवार को लोकसभा में पास होने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 को राज्यसभा ने बृहस्पतिवार को लंबी चर्चा के बाद 95 के मुकाबले 128 मतों से मंजूरी दे दी।
उच्च सदन में इन दोनों विधेयकों को देर रात दो बजकर 37 मिनट पर पारित किया गया।
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