देश की खबरें | ‘फ्रंटियर नगालैंड’ राज्य की मांग को लेकर ‘वॉकथॉन’ का आयोजन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नगालैंड में विधानसभा चुनाव होने में करीब चार महीना समय रहने के बीच एक छात्र संगठन ने राज्य के छह पूर्वी जिलों में एक ‘वॉकथॉन’ का आयोजन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्षेत्र में 'फ्रंटियर नगालैंड' राज्य की मांग पर गौर करने का आग्रह किया।
कोहिमा, आठ अक्टूबर नगालैंड में विधानसभा चुनाव होने में करीब चार महीना समय रहने के बीच एक छात्र संगठन ने राज्य के छह पूर्वी जिलों में एक ‘वॉकथॉन’ का आयोजन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्षेत्र में 'फ्रंटियर नगालैंड' राज्य की मांग पर गौर करने का आग्रह किया।
छह जिलों में राज्य की लगभग 48 प्रतिशत आबादी निवास करती है और विधानसभा की एक तिहाई सीटें यहां से आती हैं, जो कुल 60 में से 20 है।
‘वॉकथॉन’ का आयोजन करने वाले ईस्टर्न नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (ईएनएसएफ) ने दावा किया कि त्युएनसांग, मोन, लोंगलेंग, किफिर, नोकलाक और शमटोर म्यांमार की सीमा से लगे हैं और ये देश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में से एक हैं तथा इन्हें नगालैंड राज्य के गठन के बाद 59 वर्षों से सरकारों द्वारा लगातार उपेक्षित किया गया है।
ईएनएसएफ की सात इकाइयों ने शुक्रवार को ‘वॉकथॉन’ आयोजित किया और प्रधानमंत्री मोदी के नाम अपने ज्ञापन में उनसे अलग राज्य की मांग पर "तत्काल और सक्रिय रूप से" गौर करने का आग्रह किया।
प्रदर्शनकारियों ने जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से प्रस्तुत अपने पांच सूत्री ज्ञापन में कहा, ‘‘(पूर्वी नगालैंड) क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अर्थव्यवस्था जैसी जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित है, जो निस्संदेह प्रत्यक्ष तौर पर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा है।
इसने कहा, ‘‘देश का यह पूर्वी क्षेत्र अभी भी सामाजिक और आर्थिक जीवन के हर पहलू में सबसे उपेक्षित क्षेत्रों में से एक है।’’
उल्लेखनीय है कि किसी उद्देश्य विशेष के लिए निकाली जाने वाली पदयात्रा को वॉकथॉन’ कहते हैं।
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