जरुरी जानकारी | कामगारों के साथ वेतन संशोधन समझौता सर्वोच्च प्राथमिकता: कोल इंडिया चेयरमैन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कोयला श्रमिकों के साथ वेतन संशोधन समझौते को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' बताते हुए कहा है कि कंपनी सौहार्दपूर्ण ढंग से समझौते तक जल्द पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।
नयी दिल्ली, 31 जुलाई सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कोयला श्रमिकों के साथ वेतन संशोधन समझौते को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' बताते हुए कहा है कि कंपनी सौहार्दपूर्ण ढंग से समझौते तक जल्द पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीआईएल के कुल कर्मचारियों में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले गैर-कार्यकारी कामगारों का वेतन हर पांच साल में संशोधित किया जाता है। नवीनतम वेतन संशोधन एक जुलाई, 2021 से ही लंबित है। वेतन संशोधन से कोल इंडिया के लगभग 2.39 लाख गैर-कार्यकारी कामगार लाभांवित होंगे।
कोल इंडिया ने गत वर्ष 17 जुलाई को वेतन संशोधन के लिए बातचीत शुरू की थी। कोयला मजदूरी समझौते पर चर्चा के लिए 'कोयला उद्योग के लिए संयुक्त द्विपक्षीय समिति' की तीन बैठकें हुई हैं।
अग्रवाल ने कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट 2021-22 में कहा है कि राष्ट्रीय कोयला मजदूरी समझौते के लिए कोल इंडिया प्रतिबद्ध है। सीआईएल दोनों पक्षों के लिए जल्द से जल्द एक सौहार्दपूर्ण और दोनों पक्षों को स्वीकार्य वेतन समझौते तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके पहले कोयला मंत्रालय ने भी कहा था कि सीआईएल श्रमिक संघों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखती है और देश में कोयला क्षेत्र के महत्व को देखते हुए उसकी कोशिश किसी भी मतभेद या हड़ताल से बचने की होती है। घरेलू कोयला उत्पादन में सीआईएल की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है।
कोल इंडिया के श्रमिक संगठन से जुड़े एक सदस्य ने कहा कि वेतन वृद्धि को अंतिम रूप देने में और देरी होने पर कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो कोयले का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
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