मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ, जो रात आठ बजे तक जारी रहेगा।
छोटे से इस देश में मतदाता 50 सदस्यीय संसद के सदस्यों का चुनाव करेंगे। 2011 में ‘अरब स्प्रिंग’ प्रदर्शनों के बाद से कुवैत की संसद सत्तारूढ़ अल सबा परिवार के विरोध के मामले में कमजोर हो चुकी है। उस समय कुवैत में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसने सत्ता पक्ष को हिलाकर रख दिया था।
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अमेरिका के निष्ठावान सहयोगी माने जाने वाले कुवैत में संसद का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ लेकिन मौजूदा संसद ने अपना कार्यकाल पूरा किया है।
कुवैत के लंबे समय तक शासक रहे शेख सबा अल अहमद अल सबा का सितंबर में 91 साल की आयु में निधन हो गया था, जिसके बाद शेख नवाफ अल अहमद अल सबा सत्ता पर काबिज हो गए थे।
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कुवैत में यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब कच्चे तेल के दाम 45 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गए हैं। ऐसे में अन्य पड़ोसी अरब देशों ने कर्ज लेकर, सब्जिडी कम करके तथा नए कर लगाकर अपनी अर्थव्यस्था को बचाने की कोशिश की है, लेकिन कुवैत ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।
एपी
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