विदेश की खबरें | सिंगापुर में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान समाप्त, भारतीय मूल के पूर्व मंत्री षणमुगारत्नम मैदान में
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सिंगापुर में 2011 के बाद हो रहे पहले राष्ट्रपति चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान समाप्त हो गया।
सिंगापुर, एक सितंबर सिंगापुर में 2011 के बाद हो रहे पहले राष्ट्रपति चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान समाप्त हो गया।
एक दशक से भी अधिक समय बाद हुए राष्ट्रपति चुनाव में लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान किया। त्रिकोणीय मुकाबले में भारतीय मूल के पूर्व मंत्री थरमन षणमुगारत्नम भी किस्मत आजमा रहे हैं।
मतदान रात आठ बजे (स्थानीय समयानुसार) समाप्त हो गया। मतपेटियों को सील करके मतगणना केंद्रों पर ले जाया जा रहा है, जहां संभावित परिणाम का प्रारंभिक संकेत प्राप्त करने के लिए परीक्षण के तौर पर गणना की जाएगी।
चुनाव परिणाम जानने के लिए देश को निर्वाचन अधिकारी की घोषणा का इंतजार रहेगा, जो परीक्षण के तौर पर की गयी मतगणना से भिन्न हो सकती है।
भारतीय मूल के इंजीनियर अनीश पटेल (33) ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में पहली बार मतदान किया और मतदान प्रक्रिया बहुत तेज थी।
उन्होंने कहा कि यह सुनने के बाद कि उनके दोस्तों को सुबह कतारों में खड़ा होना पड़ा, उन्होंने देर से मतदान करने का फैसला किया।
राष्ट्रपति चुनाव में 27 लाख से अधिक लोगों ने मतदान किया। यह 12 वर्षों में सिंगापुर का पहला राष्ट्रपति चुनाव था, क्योंकि 2017 में आखिरी चुनाव- जो मलय उम्मीदवारों के लिए आरक्षित था- निर्विरोध था।
निवर्तमान राष्ट्रपति हलीमा याकूब का छह वर्ष का कार्यकाल 13 सितंबर को समाप्त हो रहा है।
वह देश की आठवीं राष्ट्रपति हैं और इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। सिंगापुर में वर्ष 2017 का राष्ट्रपति चुनाव एक आरक्षित चुनाव था, जिसमें केवल मलय समुदाय के सदस्यों को चुनाव लड़ने की अनुमति थी। उस दौरान हलीमा को राष्ट्रपति नामित किया गया था, क्योंकि कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था।
सिंगापुर में वर्ष 2011 के बाद यह पहला राष्ट्रपति चुनाव है।
द स्ट्रेट्स टाइम्स की एक खबर के अनुसार, चुनाव विभाग (ईएलडी) मतगणना का नमूना-आधारित परिणाम वेबसाइट पर प्रकाशित करेगा, जिसका रात्रि आठ बजे मतदान समाप्त होने के दो से तीन घंटे बाद पूरा होने की उम्मीद है।
देश के नौवें राष्ट्रपति के लिए हो रहे मुकाबले में थरमन के अलावा दो अन्य उम्मीदवार भी हैं। इनमें पहले सिंगापुर ‘गवर्नमेंट इन्वेस्टमेंट कॉर्प’ (जीआईसी) के पूर्व मुख्य निवेश अधिकारी एन. कोक सोंग और देश के सरकारी स्वामित्व वाले बीमा समूह एनटीयूसी इनकम के पूर्व प्रमुख टेन किन लियान हैं।
भारतीय मूल के सिंगापुर में जन्मे 66-वर्षीय अर्थशास्त्री षणमुगारत्नम ने देश की संस्कृति को दुनिया में “उज्ज्वल” बनाए रखने के संकल्प के साथ पिछले महीने औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए अपना अभियान शुरू किया था।
वह सख्त मानदंडों के तहत चुने गए तीन उम्मीदवारों में से एक हैं। सिंगापुर में राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए कड़ी योग्यता प्रक्रिया है।
राजनीति में 2001 में आये षणमुगारत्नम ने दो दशक से अधिक समय तक सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के और मंत्री पदों पर कार्य किया है।
सिंगापुर में राष्ट्रपति पद के लिए पहला चुनाव 28 अगस्त 1993 को हुआ था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)