देश की खबरें | गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात में रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विभिन्न स्थानीय निकायों के चुनाव और उपचुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के साथ 5,084 उम्मीदवारों की किस्मत ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों’ (ईवीएम) में बंद हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अहमदाबाद, 16 फरवरी गुजरात में रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विभिन्न स्थानीय निकायों के चुनाव और उपचुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के साथ 5,084 उम्मीदवारों की किस्मत ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों’ (ईवीएम) में बंद हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जूनागढ़ नगर निगम, 66 नगर पालिकाओं और तीन तालुका पंचायतों के लिए चुनाव हुए, जबकि बोटाद और वांकानेर नगर पालिकाओं के लिए उपचुनाव हुए। इसके अलावा विभिन्न कारणों से खाली पड़ी अन्य स्थानीय और शहरी निकायों की 124 सीट के लिए उपचुनाव हुए।
स्थानीय निकायों के लिए यह पहला चुनावी मुकाबला है जहां 2023 में गुजरात सरकार के फैसले के अनुसार पंचायतों, नगर पालिकाओं और नागरिक निगमों में 27 प्रतिशत सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित की गई हैं।
हालांकि, समग्र अंतिम मतदान प्रतिशत अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन जूनागढ़ नगर निगम ने 44.32 प्रतिशत का अनंतिम मतदान का आंकड़ा दर्ज किया है।
अधिकारियों ने कहा कि बोटाद नगरपालिका ने 31 प्रतिशत का अनंतिम मतदान दर्ज किया। हिंसा की छिटपुट घटनाओं के साथ मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा।
पाटन जिले के राधनपुर में एक मतदान केंद्र पर ईवीएम की खराबी ने प्रक्रिया को कुछ समय के लिए बाधित किया, लेकिन इसे सुलझा लिया गया और मतदान सुचारु रूप से आगे बढ़ा।
रमाबेन जाला (101) और पचुबेन ओलाकिया (102) ने बोटाद जिले के गढ़दा में वोट डालने के लिए पहुंचकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। सांसद राजेश चूडासमा (जूनागढ़) और जशुभाई राठवा (छोटा उदयपुर) ने भी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग किया।
विभिन्न स्थानीय निकायों में 213 ‘निर्विरोध’ सीट पर मतदान नहीं हुआ क्योंकि अन्य उम्मीदवारों द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद केवल एक उम्मीदवार (सत्तारूढ़ भाजपा का) ही मैदान में बचा था। इनमें जूनागढ़ नगर निगम के 15 वार्ड की 60 सीट में से आठ सीट शामिल हैं, जहां प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और अन्य उम्मीदवारों के चुनावी दौड़ से हटने के बाद केवल भाजपा के उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं।
भाजपा ने कहा है कि वह भचाऊ, जाफराबाद, बंटवा और हलोल की चार नगर पालिकाओं में जीत दर्ज करने वाली है क्योंकि इसके पक्ष में ‘निर्विरोध’ घोषित सीट की संख्या इन प्रत्येक नगर निकाय में आवश्यक बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से अधिक है।
कांग्रेस ने दावा किया कि उसके उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने की धमकी दी गई थी, लेकिन इस आरोप का भाजपा ने खंडन किया है।
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