देश की खबरें | वेंकैया नायडू ने संसद में संसद में कभी कमी होने वाले कामकाज के तरीके को लेकर जतायी चिंता
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र के दौरान कार्यवाही बार-बार बाधित होने के मद्देनजर उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दोनों सदन कभी कभी जिस तरीके से काम करते हैं उसे लेकर शनिवार को चिंता जताई।
हैदराबाद, 30 जुलाई संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र के दौरान कार्यवाही बार-बार बाधित होने के मद्देनजर उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दोनों सदन कभी कभी जिस तरीके से काम करते हैं उसे लेकर शनिवार को चिंता जताई।
नायडू ने यहां रामनाथपुर में हैदराबाद पब्लिक स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोहों का उद्घाटन करने के बाद यह कहा। उन्होंने छात्रों को जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव के मद्देनजर प्रकृति से प्रेम करने और प्रकृति के साथ रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, कुछ भी कहने से पहले मेरी पहली सलाह यह है कि प्रकृति से प्रेम करें और उसके साथ रहें।’’ नायडू ने कहा, ‘‘छात्रों को उनकी दूसरी सलाह अनुशासन और शिष्टता बनाए रखना है। ’’
इस अवसर पर, संसद कभी कभी जिस तरीके से काम करती है उसे लेकर शनिवार को चिंता जताई।
राज्यसभा के सभापति ने कहा, ‘‘मेरी दूसरी सलाह (छात्रों को) अनुशासन, शिष्टता बनाए रखने की है। मैंने सांसदों से कहा है। क्योंकि, आप सब इस बात से अवगत हैं कि संसद में कभी-कभी क्या हो रहा है। संसद की कार्यवाही का तौर तरीका कभी-कभी क्या होता है, यह चिंता की बात है। ’’
मॉनसून सत्र शुरू होने के बाद से आवश्यक वस्तुओं पर माल एवं सेवा कर(जीएसटी), महंगाई और अन्य मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है।
विपक्षी दलों के प्रदर्शन के कारण राज्यसभा और लोकसभा से कई सदस्यों को निलंबित भी किया गया है।
अपने संबोधन में नायडू ने आगे कहा,‘‘मैं बहुत खुश हूं कि नयी शिक्षा नीति सही दिशा में उठाया गया एक सही कदम है। ’’ उन्होंने कहा कि बच्चों की प्राथमिक शिक्षा उनकी मातृ में मिलनी चाहिए।
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