रांची/बेंगलुरु/मुंबई, 12 सितंबर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीताराम येचुरी के निधन पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने बृहस्पतिवार को दुख जताया।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने येचुरी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।
येचुरी का बृहस्पतिवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। येचुरी 72 वर्ष के थे। उनकी हालत पिछले कुछ दिन से गंभीर बनी हुई थी और उन्हें कृत्रिम श्वसन प्रणाली पर रखा गया था।
सोरेन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एवं वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी के निधन का समाचार सुनकर गहरा दुख हुआ। उनका जाना भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। वह एक कुशल राजनीतिज्ञ, विचारक और जनता के हितों के लिए समर्पित नेता थे।’’
इस बीच, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी येचुरी के निधन पर दुख व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, ‘‘येचुरी का निधन भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति है। येचुरी कम्युनिस्ट एकता और भाजपा के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।’’
इस बीच बेंगलुरु से मिली खबर के अनुसार कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने येचुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि येचुरी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग)-एक सरकार को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी और साझा न्यूनतम कार्यक्रमों का मसौदा तैयार करने का नेतृत्व किया, जिसने महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश के नीतिगत दृष्टिकोण को बदल दिया।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने येचुरी को एक अच्छा इंसान और बहुभाषी विद्वान बताया, जिन्होंने अपनी बुद्धिमता, चतुराई और अटूट विश्वास से सार्वजनिक जीवन को समृद्ध किया।
उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2023 में मेरे शपथ ग्रहण समारोह (मुख्यमंत्री के रूप में) में उनकी उपस्थिति एक यादगार स्मृति है। उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।"
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक एच डी देवगौड़ा ने येचुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि अपने उद्देश्य और पार्टी के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
देवगौड़ा ने कहा, "मुझे यह जानकर बहुत दुख हुआ कि मेरे मित्र और सहयोगी सीताराम येचुरी का निधन हो गया है। मेरी गहरी संवेदनाएं। उनका अपने उद्देश्य और पार्टी के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।’’
इस बीच मुंबई से मिली खबर के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने येचुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा राजनीति में उनके द्वारा लाए गए मूल्यों की सराहना की।
शिंदे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "देश ने एक ऐसा नेता खो दिया है, जिसने मजदूरों, किसानों और आम आदमी के हितों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। अपनी पार्टी के प्रति उनका समर्पण और मूल्यों के प्रति ईमानदार प्रतिबद्धता हमेशा राजनीति में आदर्श मानी जाएगी। मैं राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लगातार व्यक्तिगत संबंध बनाए रखने के लिए येचुरी को अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूं।"
पवार ने कहा, "माकपा के एक प्रमुख नेता का आज निधन हो गया। उन्हें हमेशा वाम दलों के बीच एक महत्वपूर्ण आवाज के रूप में याद किया जाएगा। उनका निधन देश में वाम दलों के लिए एक बड़ी क्षति है। वह वास्तव में मजदूरों, श्रमिकों और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आवाज थे। मैं येचुरी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।"
ठाकरे ने कहा कि येचुरी का पांच दशक लंबा राजनीतिक जीवन संघर्ष से भरा रहा। उन्होंने कहा कि वे "एक अच्छे वक्ता, अर्थव्यवस्था के छात्र और अपने मूल्यों से समझौता न करने वाले नेता, धैर्यवान और खुशमिजाज व्यक्ति थे।"
ठाकरे ने कहा कि येचुरी एक स्पष्ट वक्ता थे और सभी पार्टियों में उनका सम्मान किया जाता था।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ठाकरे ने कहा, ‘‘मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।"
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, ‘‘हमने एक ऐसे नेता को खो दिया है जो समाज के विभिन्न वर्गों के संपर्क में थे और वे उनके दर्द को समझते थे।’’
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