देश की खबरें | वैष्णव ने पेगासस मुद्दे पर कहा, सरकार उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति का पूर्ण सहयोग करेगी

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नयी दिल्ली, 11 नवंबर केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी के आरोपों की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के साथ सरकार पूरी तरह सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार इस समिति को अपनी जांच पूरी करने के लिए अवसंरचना, मानव संसाधन, प्रयोगशाला सुविधाएं और सूचना समेत सभी तरह की मदद मुहैया कराएगी।

सोशल मीडिया नियमों संबंधी सवाल पर मंत्री ने कहा कि जहां सोशल मीडिया मंचों ने लोगों को स्वतंत्र रूप से खुद को व्यक्त करने का मौका दिया है, वहीं तकनीक के दुरुपयोग ने यह सोचने पर मजबूर किया है कि विनियमन कहां होना चाहिए?

'टाइम्स नाऊ समिट,2021' में बोलते हुए वैष्णव ने जोर दिया कि निजता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन करना होगा।

उन्होंने कहा, '' मैं ये कहूंगा कि, जब हम नीति बनाते हैं तो हमारी नीतियों में हमारी सांस्कृतिक जड़ों, हमारी जरूरतों, हमारी वास्तविकता पर ध्यान केंद्रित होना ही चाहिए।''

वैष्णव ने कहा कि सरकार का नजरिया सेंसर करने का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं को सशक्त बनाते हुए स्व-नियमन को मजबूत बनाने का है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, '' यहां सबसे पहले स्व-नियमन का भाव होगा। स्व-नियमन पहला कमद है, दूसरा ये कि उपयोगकर्ता खुद सामने आएं और नियमन करें। तीसरा ये कि सरकार को आगे आना चाहिए। इसलिए, जिस तरह हमने सोशल मीडिया को प्रारूप दिया और मध्यस्थ नियम बनाए, उसमें उपयोगकर्ता को सबसे आगे रखा गया।''

भारत ने ट्विटर और फेसबुक समेत बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए इस साल की शुरुआत में नए आईटी मध्यस्थता नियमों को लागू किया है।

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