देश की खबरें | वैष्णव ने रेलवे पर सांसदों की परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता की
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नयी दिल्ली, एक जून रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को रेलवे में खानपान सेवाओं और स्टेशन विकास के विषय को लेकर रेलवे पर संसद सदस्यों की परामर्श समिति की एक बैठक की अध्यक्षता की। यह जानकारी एक बयान में दी गई।
बयान के अनुसार खानपान सेवाओं के मुद्दे पर, सदस्यों को सूचित किया गया कि लगभग 1.8 करोड़ यात्री प्रतिदिन ट्रेनों में यात्रा करते हैं और ट्रेनों और स्टेशनों में पर्याप्त खानपान सुविधाओं की व्यवस्था और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
बयान के अनुसार समिति को बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में, रेलवे ने न केवल खानपान सेवाओं का गहन विश्लेषण किया है, बल्कि खानपान व्यवसाय में आमूलचूल बदलाव लाने के लिए संरचनात्मक सुधार भी शुरू किए हैं।
बयान के अनुसार यात्रियों को स्थिर इकाइयों या सचल इकाइयों के माध्यम से खानपान सेवाएं प्रदान की जाती हैं। बयान के मुताबिक, पैंट्री कार या मिनी पैंट्री वाली 473 जोड़ी ट्रेनें हैं और 706 जोड़ी ट्रेनों में ‘ट्रेन साइड वेंडिंग’ (लाइसेंसधारी विक्रेताओं द्वारा ट्रेन के अंदर खान-पान प्रदान करने का विकल्प) सुविधा है।
बयान के अनुसार भारतीय रेलवे की 9,342 छोटी और 582 प्रमुख स्थिर इकाइयां हैं जिनमें जन आहार काउंटर, फूड प्लाजा और अल्पाहार इकाई शामिल हैं।
बयान के अनुसार, ‘‘भारतीय रेलवे की एक खानपान नीति है, जिसका उद्देश्य ट्रेनों की खानपान सेवाओं को खोलकर रेल यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना और भोजन तैयार करने एवं भोजन वितरण के बीच एक प्राथमिक अंतर बनाना है।’’
बयान में कहा गया है, "मंत्रालय ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को ट्रेनों में खानपान सेवाओं के भोजन सूची को अनुकूलित और तय करने की छूट दी है ताकि यात्रियों के विभिन्न समूहों की पसंद के अनुसार क्षेत्रीय व्यंजन, मौसमी व्यंजन और खाद्य पदार्थों की सभी वस्तुओं को शामिल किया जा सके।’’
समिति को यह भी बताया गया कि भारतीय रेलवे में ई-केटरिंग योजना शुरू की गई है।
समिति को बताया गया कि नकद रहित लेन-देन की सुविधा सचल और स्थिर खानपान इकाइयों दोनों पर प्रदान की जाती हैं। समिति को यह भी बताया गया कि गुणवत्ता और सेवा मानक सुनिश्चित करने के लिए खानपान सेवाओं का एक तृतीय-पक्ष ऑडिट भी किया जाता है तथा खानपान सेवाओं की निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए नियमित एवं औचक निरीक्षण किए जाते हैं।
बयान के अनुसार स्टेशन विकास विषय पर समिति को बताया गया कि स्टेशनों का आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। समिति को यह भी बताया गया कि तीन स्टेशनों - मध्य प्रदेश में रानी कमलापति, गुजरात में गांधीनगर और कर्नाटक में श्री एम विश्वेश्वरैया रेलवे स्टेशन - का अब तक पुनर्विकास या आधुनिकीकरण किया जा चुका है।
बयान के अनुसार इन तीनों स्टेशनों से प्राप्त अनुभव के आधार पर स्टेशनों के विकास के लिए ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ शुरू की गई है। बयान के अनुसार इस योजना में भवन के सुधार, शहर के दोनों किनारों के साथ स्टेशन को एकीकृत करने, बहु-मॉडल एकीकरण, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल समाधान, गिट्टी रहित पटरियों का प्रावधान, आवश्यकता के अनुसार 'रूफ प्लाजा' की परिकल्पना की गई है।
मंत्रालय ने कहा कि वर्तमान में, इस योजना में 1,275 स्टेशनों के आधुनिकीकरण या उन्नयन की परिकल्पना की गई है। बयान में कहा गया है कि कई सांसदों ने दोनों विषयों पर सुझाव दिए।
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