देश की खबरें | वकील के खिलाफ शिकायत हेतु शुल्क में वृद्धि पर बार काउंसिल को उत्तराखंड उच्च न्यायालय का नोटिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. किसी अधिवक्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए शुल्क में की गयी वृद्धि को वापस लेने की प्रार्थना करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय बार काउंसिल और उसकी उत्तराखंड इकाई को नोटिस जारी किया ।
देहरादून, 22 मई किसी अधिवक्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए शुल्क में की गयी वृद्धि को वापस लेने की प्रार्थना करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय बार काउंसिल और उसकी उत्तराखंड इकाई को नोटिस जारी किया ।
उत्तराखंड बार काउंसिल ने 'किसी अधिवक्ता के खिलाफ शिकायत' दर्ज कराने के लिए शुल्क बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया है ।
अधिवक्ता के खिलाफ कोई भी अनुशासनात्मक जांच शुरू किए जाने से पहले भारतीय बार काउंसिल के पास धनराशि जमा कराना जरूरी है ।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने नोटिस जारी किया। शुल्क में की गयी कई गुना वृद्धि को याचिका में इस आधार पर चुनौती दी गयी है कि इसकी प्रकृति निषेधात्मक और जनहित के विरूद्ध है ।
याचिकाकर्ता के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय 13 मई को मामले की फिर सुनवाई करेगा ।
गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अदालत के सामने यह तथ्य रखा कि भारतीय बार काउंसिल के नियमों के तहत किसी अधिवक्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिकतम 450 रुपये का शुल्क लिया जाता है ।
उन्होंने कहा, ‘‘उत्तराखंड बार काउंसिल ने एक गैरकानूनी संकल्प पारित करते हुए इस राशि को बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया है। इतने ज्यादा शुल्क की वजह से सही शिकायतकर्ता भी अधिवक्ता के खराब आचरण के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करा पाएगा।’’
गुप्ता ने कहा, ‘‘हमने अदालत के सामने दलील दी कि यह निर्णय जनहित के खिलाफ है क्योकि उत्तराखंड बार काउंसिल किसी शिकायत के दर्ज होने से पहले ही उसके बारे में फैसला नहीं ले सकता।’’
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