देश की खबरें | उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने खड़िया खनन सामग्री की नीलामी की अनुमति दी

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नैनीताल, 17 जून उतराखंड उच्च न्यायालय ने बागेश्वर जिले में खड़िया खनन सामग्री की नीलामी की अनुमति दे दी है और राज्य सरकार को खुदी हुई खदानों को भरने का निर्देश भी दिया है।

मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सोमवार को खड़िया खनन से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया। खड़िया खनन से बागेश्वर जिले की कांडा तहसील के कई गांवों के मकानों में दरारें आ रही हैं।

अदालत ने आदेश दिया कि खनन सामग्री की तीन सदस्यीय समिति की निगरानी में नीलामी की जाएगी। खदान मालिकों ने खड़िया के खुदे हुए खनन सामग्री की नीलामी की अनुमति देने की प्रार्थना की थी।

इससे पहले, अदालत ने खदान स्थलों पर खुदी पड़ी सामग्री के निपटारे के लिए एक नीलामी समिति बनाने का सुझाव दिया था।

उच्च न्यायालय के न्यायमित्र ने खड़िया सामग्री की नीलामी की निगरानी के लिए इतिहासकार पद्मश्री शेखर पाठक, डॉ रवि चोपड़ा, अनूप नौटियाल और डॉ भरत झुनझुनवाला के नामों का प्रस्ताव रखा।

अब, समिति खड़िया खनन सामग्री की नीलामी के लिए राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करेगी और नीलामी से प्राप्त राशि एक अलग बैंक खाते में रखी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल पर्यावरणीय मुआवजे के लिए किया जाएगा और यह अदालत की निगरानी में रहेगा।

अदालत ने नीलामी प्रक्रिया को छह सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उसने यह भी निर्देश दिया है कि राज्य सरकार खड़िया की खुदाई से बने गड्ढों को तत्काल भरवाए जिससे मानसून के दौरान उनमें पानी न भरे और उससे आगे और नुकसान न हो।

अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 23 जून तय की है।

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