देश की खबरें | उत्तरकाशी: नाबालिग लड़की को अगवा करने के प्रयास के मामले में दो आरोपी बरी

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देहरादून, 18 जुलाई उत्तरकाशी जिले के पुरोला में एक नाबालिग बालिका को अगवा करने के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को यहां की एक स्थानीय अदालत ने पीड़िता के इस बयान के बाद आरोपों से बरी कर दिया कि वे दोनों उसके अनुरोध पर उसके साथ दर्जी की दुकान तक जा रहे थे।

साल भर पहले हुए इस मामले के कारण पहाड़ी शहर में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था और प्रशासन को हालात संभाले रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

लड़की ने अदालत को बताया कि वह पुरोला बाजार में दर्जी की दुकान ढूंढ़ रही थी। उसने आरोपियों से मदद मांगी और वे उसे दर्जी की दुकान तक ले जा रहे थे।

पुलिस को दिए अपने शुरुआती बयान से पलटते हुए नाबालिग लड़की ने कहा कि आरोपियों ने उसे कहीं ले जाने का कोई प्रयास नहीं किया। लड़की के शुरुआती बयान के आधार पर उवैद खान और जितेंद्र सैनी के खिलाफ पुलिस ने भारतीय दंड विधान तथा बच्चों का यौन उत्पीड़न से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया गया था ।

पीड़िता के चाचा ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि पुरोला बाजार में कम्प्यूटर की दुकान चलाने वाले उनके पड़ोसी आशीष चुनार ने उन्हें फोन पर सूचित किया कि आरोपी लड़की को टेम्पो में बैठाकर वहां से 18 किलोमीटर दूर नौगांव ले जा रहे हैं।

हालांकि, लड़की के बदले बयानों और अभियोजन पक्ष के गवाहों के परीक्षण के बाद उत्तरकाशी के विशेष सत्र न्यायाधीश गुरबक्श सिंह ने यह कहते हुए दोनों को बरी कर दिया कि तथ्यों से आरोपों की पुष्टि नहीं की जा सकती ।

विशेष सत्र न्यायाधीश ने जब इस वर्ष 10 मई को खान और सैनी को आरोपों से बरी किया तब वे जमानत पर चल रहे थे। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अदालत का आदेश तत्काल सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।

नाबालिग बालिका का अपहरण करने के प्रयास से जुड़ी घटना से पुरोला में तनाव बढ़ गया था। छोटे से पहाड़ी शहर में व्यवसाय कर रहे मुसलमानों की दुकानों पर पोस्टर लगाकर उनसे वहां से चले जाने या परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गयी थी।

कई मुसलमान परिवारों ने शहर छोड़कर विभिन्न स्थानों पर शरण ले ली थी । घटना के विरोध में दक्षिणपंथी हिंदु संगठनों के प्रस्तावित महापंचायत को रोकने के लिए जिला प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा था।

दीप्ति

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