देश की खबरें | देश के बहुआयामी विकास का सबसे अहम आधार बनेगा उत्तर प्रदेश: आदित्यनाथ
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लखनऊ, 23 जून उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को ‘एक ट्रिलियन’ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ 'यूपी फॉर यूपी, यूपी फॉर इंडिया, यूपी फॉर ग्लोबल’ की परिकल्पना की है।
योगी ने कहा कि अब समय उत्तर प्रदेश का है और यह राज्य अपनी उत्पादकता का पूरा लाभ उठाते हुए देश के बहुआयामी विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
यहां शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रदेश के आय-व्यय और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री योगी ने गहन समीक्षा की और दिशा-निर्देश दिए।
उप्र की शक्ति के अनुरूप क्षेत्रवार अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति तय करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पांच वर्ष की समय-सीमा निर्धारित की है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ ''सबका साथ-सबका विकास'' की नीति का मानक बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता के अनुरूप उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना उनके लिए एक अभियान है और अधिकारी इसके लिए मुख्य क्षेत्रों पर फोकस करें।
उन्होंने कहा कि कृषि, धार्मिक पर्यटन, विनिर्माण और आईटी एंड आईटीईएस मुख्य क्षेत्रों (कोर सेक्टर) में शामिल हैं।
योगी ने कहा कि इसके अलावा ऊर्जा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई आदि क्षेत्रों पर भी हमें विशेष फोकस करने की आवश्यकता है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के बड़े महानगरों को अलग-अलग क्षेत्रों के हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसी क्रम में लखनऊ को देश का पहला एआई शहर बनाने की तैयारी है। साथ ही प्रदेश को ग्रीन एनर्जी का हब बनाने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जन्म मृत्यु पंजीकरण की तर्ज पर ही हर प्रकार के निर्माण कार्यों का पंजीकरण जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि शहर और गांवों में होने वाले हर निर्माण कार्य का डाटा सरकार के पास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण कार्यों के दौरान या बाद में अगर कोई दुर्घटना होती है, तो इसके लिए बीमा की व्यवस्था की जाए।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उप्र पहला ऐसा राज्य है जहां जिलों की जीडीपी को जारी करने का कार्य हुआ है। कोविड काल में ये काम रुका जरूर, लेकिन इसे पुनः शुरू कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि तमाम कानूनी बंदिशों को हटाकर ओडीओपी को सशक्त किया गया है। सितंबर में ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने जा रहे उप्र इंटरनेशनल ट्रेड शो को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि ‘यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के तर्ज पर ही ट्रेड शो का आयोजन बड़े स्तर पर होना चाहिए।
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