जरुरी जानकारी | अमेरिकी अदालत ने स्टरलाइट टेक को प्रिज्मियन को 9.65 करोड़ डॉलर देने का दिया निर्देश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी अदालत ने वेदांता समूह समर्थित स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की विदेशी शाखा को व्यापार गोपनीयता मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए अमेरिका स्थित प्रिज्मियन समूह को 9.65 करोड़ अमरीकी डॉलर (करीब 810 करोड़ रुपये) का हर्जाना देने का आदेश दिया है। नियामक सूचना और वादी के बयान में यह जानकारी दी गई है।
नयी दिल्ली, 16 अगस्त अमेरिकी अदालत ने वेदांता समूह समर्थित स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की विदेशी शाखा को व्यापार गोपनीयता मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए अमेरिका स्थित प्रिज्मियन समूह को 9.65 करोड़ अमरीकी डॉलर (करीब 810 करोड़ रुपये) का हर्जाना देने का आदेश दिया है। नियामक सूचना और वादी के बयान में यह जानकारी दी गई है।
अदालत ने इसके अलावा प्रिज्मियन के व्यापार रहस्यों के दुरुपयोग के लिए स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज इंक (एसटीआई) के अमेरिका क्षेत्र के कार्यकारी उपाध्यक्ष स्टीफन शिमेंस्की पर भी 2,00,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है।
एसटीआई, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज (एसटीएल) की अमेरिकी अनुषंगी कंपनी है। एसटीआई ने इस फैसले को चुनौती दी है और वह इसके खिलाफ अपील दायर कर सकती है।
प्रिज्मियन ने 12 अगस्त को बयान में कहा कि दक्षिण कैरोलिना की जूरी ने नौ अगस्त को तीन सप्ताह की सुनवाई के बाद उसके पक्ष में फैसला सुनाया।
बयान के अनुसार, ‘‘ जूरी ने पाया कि स्टरलाइट ने अनुचित रूप प्रिज्मियन के व्यापार रहस्यों तक पहुंच स्थापित की। स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज इंक को 9.65 करोड़ डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया गया। इसके अलावा जूरी ने पाया कि स्टीफन शिमंस्की ने भी अनुचित रूप प्रिज्मियन के व्यापार रहस्यों तक पहुंच स्थापित की।’’
प्रिज्मियन ने बताया कि अदालत ने स्टीफन शिमंस्की पर 2,00,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है।
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