जरुरी जानकारी | शहरी सहकारी बैंक कामकाज, जोखिम प्रबंधन बेहतर करने पर ध्यान देंः आरबीआई डिप्टी गवर्नर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे. ने शुक्रवार को शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के निदेशकों से कामकाज एवं जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने और सुरक्षित प्रौद्योगिकी अपनाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।

मुंबई, 18 जुलाई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे. ने शुक्रवार को शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के निदेशकों से कामकाज एवं जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने और सुरक्षित प्रौद्योगिकी अपनाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।

स्वामीनाथन ने पुणे के कृषि बैंकिंग महाविद्यालय में शहरी सहकारी बैंकों के निदेशकों के लिए आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा, "बैंकों का कामकाजी संचालन और भी बेहतर होना चाहिए। जोखिमों को बेहतर ढंग से समझें और उनका प्रबंधन करें। प्रौद्योगिकी को सोच-समझकर और सुरक्षित रूप से अपनाया जाना चाहिए। सबसे अहम यह है कि आपके जमाकर्ताओं का विश्वास अटूट होना चाहिए।"

स्वामीनाथन ने कहा कि शहरी सहकारी बैंक एक ऐसे मॉडल का प्रतिनिधित्व करते हैं जो न केवल मुनाफे पर, बल्कि उद्देश्य पर आधारित है।

उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक एक नियामक, एक मार्गदर्शक और एक भागीदार के तौर पर आपके साथ खड़ा है। आइए हम मिलकर यह सुनिश्चित करें कि शहरी सहकारी बैंक भारत की वित्तीय प्रणाली का एक मज़बूत और जीवंत हिस्सा बने रहें।"

डिप्टी गवर्नर ने कहा कि यह सहकारी मॉडल के सार को दर्शाता है जो बैंकिंग संबंधों, स्थानीय ज्ञान और जमीनी जुड़ाव पर आधारित है।

प्रेम

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\