देश की खबरें | सीचेवाल के खिलाफ बाजवा की टिप्पणी को लेकर पंजाब विधानसभा में हंगामा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब विधानसभा में बृहस्पतिवार को सत्ता पक्ष ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से पर्यावरणविद् और ‘आप’ सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगने को कहा, जिसके बाद सदन में हंगामा देखने को मिला और कांग्रेस विधायकों ने तीन बार सदन से बहिर्गमन किया, साथ ही सदन की कार्यवाही भी स्थगित हुई।
चंडीगढ़, 27 मार्च पंजाब विधानसभा में बृहस्पतिवार को सत्ता पक्ष ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से पर्यावरणविद् और ‘आप’ सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगने को कहा, जिसके बाद सदन में हंगामा देखने को मिला और कांग्रेस विधायकों ने तीन बार सदन से बहिर्गमन किया, साथ ही सदन की कार्यवाही भी स्थगित हुई।
सदन में बाजवा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और निलंबित कांग्रेस विधायक संदीप जाखड़ ने भी प्रस्ताव के समर्थन में हाथ उठाए।
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, कुलदीप धालीवाल, विधायक इंद्रजीत कौर मान और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल के बाद आप विधायक इंद्रजीत कौर मान ने सीचेवाल के खिलाफ टिप्पणी के लिए बाजवा पर निशाना साधा और उनसे माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा, "मैं सीचेवाल के खिलाफ निंदनीय टिप्पणी करने के लिए सदन में उनकी (बाजवा की) उपस्थिति पर आपत्ति जताती हूं। उन्होंने (बाजवा ने) उन्हें व्यापारी कहा।”
हालांकि बाजवा ने सत्ता पक्ष द्वारा विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए अध्यक्ष से पूछा, क्या यह योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है?"
बाजवा ने जोर देकर कहा, "मैंने जो कहा, मैं उस पर कायम हूं।"
बाजवा ने कहा, "वह (सीचेवाल) एक ठेकेदार हैं।”
पर्यावरणविद् और आप के राज्यसभा सदस्य सीचेवाल कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में 160 किलोमीटर लंबी काली बेईं नदी की सफाई के प्रयासों के लिए जाने जाते हैं।
इस बीच, पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने नहरों में कचरा फेंकने की व्यापक समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की।
प्रश्नकाल के दौरान गोयल ने कहा कि लोग न केवल नहर के किनारों पर बल्कि सीधे नहर के पानी में अंधाधुंध तरीके से कचरा फेंक रहे हैं।
कांग्रेस विधायक नरेश पुरी के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "यह समस्या खास तौर पर शहरी क्षेत्रों और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर है, जिससे पानी की गुणवत्ता को बड़ा खतरा है, खासकर यह देखते हुए कि नहर का पानी सिंचाई और पीने दोनों के काम आता है।"
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