देश की खबरें | केरल विधानसभा में हंगामा मामला : अदालत ने सरकार की याचिका खारिज की
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कोच्चि (केरल), 12 मार्च केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा दायर उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया जिसमें 2015 में तत्कालीन कांग्रेस नीत यूडीएफ शासनकाल के दौरान विधानसभा के अंदर हंगामे को लेकर दर्ज एक आपराधिक मामले को रद्द करने का अनुरोध किया था।
इससे पहले, तिरुवनंतपुरम में सुनवाई अदालत ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था। उस याचिका में तत्कालीन यूडीएफ सरकार द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम (पीडीपीपी) कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज मामले को वापस लेने का अनुरोध किया था।
सरकार ने उस फैसले को चुनौती दी थी।
मंत्रियों ईपी जयराजन और केटी जलील के अलावा उस समय एलडीएफ विधायकों के अजित, वी शिवंकुट्टी, सीके सदाशिवन और के कुन्हम्मद पर विधानसभा में हंगामा करने का आरोप है। एलडीएफ विधायकों ने तत्कालीन वित्त मंत्री केएम मणि द्वारा बजट पेश किए जाने का विरोध किया था।
उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले में आधार बनता है और उन्हें मुकदमे का सामना करने का निर्देश दिया।
राज्य विधानसभा में 13 मार्च, 2015 को अभूतपूर्व हंगामा देखा गया था जब विपक्षी सदस्यों ने मणि को राज्य का बजट पेश करने से रोकने की कोशिश की थी। इस दौरान सदन में तोड़फोड़ की भी घटना हुई थी।
पिछली ओमन चांडी सरकार ने इस संबंध में एक मामला दर्ज कराया था।
एलडीएफ सरकार ने 2018 में अपने मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ मुकदमा हटाए जाने का अनुरोध करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
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