देश की खबरें | बंगाल में मनरेगा में भ्रष्टाचार से अनजान रहने के अपने बयान से पलटे केंद्रीय मंत्री पाटिल

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कोलकाता, 15 जुलाई पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मनरेगा के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार होने से खुद के अनजान रहने का दावा करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना का सामना कर रहे केंद्रीय मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल शुक्रवार को अपने बयान से पलट गए। साथ ही, उन्होंने कहा कि केंद्र को इस रोजगार योजना में भ्रष्टाचार होने के आरोपों की सूचना राज्य से मिली थी।

पाटिल ने संवाददाताओं से यह भी कहा कि तृणमूल सरकार ने मनरेगा के तहत खर्च होने वाले पैसे के इस्तेमाल पर कोई प्रमाण पत्र नहीं सौंपा।

पाटिल ने कहा, “मनरेगा में भ्रष्टाचार हुआ है। इससे संबंधित शिकायतें मिली हैं। उन्होंने (राज्य सरकार ने) पैसे के इस्तेमाल से संबंधित प्रमाण पत्र नहीं भेजे हैं। मेरा यह मतलब था कि मैं अभी उन जगहों (जहां से भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं) पर नहीं गया। अगली बार जब मैं यहां आऊंगा तो उन क्षेत्रों का दौरा करूंगा।”

केंद्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री ने बुधवार को कहा था कि वह राज्य में पंचायत स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों पर बिना सोचे समझे टिप्पणी नहीं कर सकते और उन्हें पहले अधिकारियों से इस बारे में बात करनी होगी। उनके इस बयान पर भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाटिल को जमीनी सच्चाई की जानकारी नहीं है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने (पाटिल) क्या कहा। वह राज्यमंत्री हैं इसलिए हो सकता है कि उन्हें जमीनी सच्चाई का पता नहीं हो। आपको (पत्रकारों को) विभाग के प्रभारी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री से पूछना चाहिए।”

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया कि हो सकता है कि पाटिल को मनरेगा में भ्रष्टाचार का पता न हो क्योंकि केंद्र सरकार के अधिकारी अपना काम ठीक तरह से नहीं कर रहे हैं।

घोष ने कहा, “वे (अधिकारी) आते हैं, होटलों में रहते हैं और उसी तरह की रिपोर्ट सौंपते हैं जैसा ब्लॉक विकास अधिकारी उनसे अपेक्षा रखते हैं। इसलिए स्वाभाविक सी बात है कि उन्हें (पाटिल) जमीनी सच्चाई का पता न हो।”

तृणमूल कांग्रेस के नेता तापस राय ने कहा कि पाटिल ने सच बोला था लेकिन अपनी पार्टी से आलोचना का सामना करने के बाद वह अपने बयान से पलट गए।

उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री ने दो दिन पहले कहा था कि उन्हें भ्रष्टाचार के बारे में पता नहीं है। भाजपा की बंगाई इकाई ने उनकी आलोचना की, जिसके बाद वह अपने बयान से पलट गए।”

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