देश की खबरें | केदारनाथ की आपदा में आपबीती याद कर भावुक हुए केंद्रीय मंत्री चौबे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे बुधवार को उस वाकये को याद करके भावुक हो गये जब वह और उनका आधा परिवार जून 2013 में केदारनाथ में आई बाढ़ में जीवित बचे थे।
नयी दिल्ली, 21 सितंबर केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे बुधवार को उस वाकये को याद करके भावुक हो गये जब वह और उनका आधा परिवार जून 2013 में केदारनाथ में आई बाढ़ में जीवित बचे थे।
चौबे ने यहां टिकाऊपन या निरंतरता (सस्टेनेबिलिटी) पर सीआईआई के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह केवल यह देख नहीं रहे कि जलवायु परिवर्तन का दुनिया पर कैसा असर होता है, बल्कि वह खुद इस त्रासदी से गुजरे हैं और केदारनाथ की भयावह आपदा में उनके परिवार के कुछ सदस्यों की जान चली गयी थी।
मंत्री ने बताया कि जिस समय केदारनाथ में अचानक बाढ़ आई तब वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ दर्शन करने गये थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उस त्रासदी में खोया है और हासिल भी किया है। मुझे अपने परिवार के आधे सदस्यों को खोना पड़ा। हम चार दिन तक मंदिर के गर्भगृह में बिना खाना और पानी के रहे। मैंने आपदा को सहा है।’’
चौबे ने रुंधे गले से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि भगवान ने मेरे परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्यों को कैसे बचाया। हम 17 लोग मंदिर दर्शन करने गये थे लेकिन उनमें से आठ ही सुरक्षित लौटे। मैं, मेरी पत्नी, दो बेटे, दोनों पुत्रवधू और दो पोते।’’
निजी क्षेत्र के लोगों से जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए चौबे ने कहा कि वैश्विक तापमान वृद्धि दुनिया को प्रभावित कर रही है और प्रकृति को बचाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पेरिस समझौते से लेकर ग्लासगो जलवायु संधि तक पूरी दुनिया इस समय टिकाऊ विकास पर ध्यान दे रही है।
खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने कार्यक्रम में कहा कि जलवायु परिवर्तन और टिकाऊ विकास अब केवल अकादमिक मुद्दे नहीं रहे और ये हमारे बिल्कुल सामने आकर खड़े हैं।
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