जरुरी जानकारी | अनिश्चितता के कारण अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय व्यापार प्रभावित होगा : उद्योग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के व्यापार एवं उद्योग संगठन ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन से उत्पन्न अनिश्चितता की स्थिति से पड़ोसी देश के साथ भारत के व्यापार संबंधों पर असर पड़ेगा।
नयी दिल्ली, 18 अगस्त दिल्ली के व्यापार एवं उद्योग संगठन ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन से उत्पन्न अनिश्चितता की स्थिति से पड़ोसी देश के साथ भारत के व्यापार संबंधों पर असर पड़ेगा।
व्यापार और उद्योग मंडल (सीटीआई) ने एक बयान में कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच 2020-2021 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का द्विपक्षीय व्यापार हुआ।
उसने कहा कि इसमें भारत से अफगानिस्तान को निर्यात किए जा रहे 6,000 करोड़ रुपये के सामान और अफगानिस्तान से भारत में आयात किए जाने वाले 3,800 करोड़ रुपये के उत्पाद शामिल हैं।
अमेरिका के नेतृत्व वाली सेनाओं द्वारा तालिबान को अफगानिस्तान की सत्ता से 2001 में हटा दिया गया था। उसके बाद अमेरिकी सेनाओं की वापसी शुरू होने पर तालिबान ने 15 अगसत को एक बार फिर अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा करते हुये ज्यादातर क्षेत्रों को अपने नियंत्रण में ले लिया।
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा, ‘‘मौजूदा हालात में भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। बड़े पैमाने पर लोगों की माल ढुलाई खेप और भुगतान अटका हुआ है। भारत सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और कोई रास्ता निकालना चाहिए।’’
व्यापार मंडल के अनुसार सीटीआई दक्षिण एशिया में अफगान उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार है। वह अफगानिस्तान से सूखे मेवे, फल और औषधीय जड़ी-बूटियों का आयात करता है।
वही भारत मुख्य रूप से अफगानिस्तान को चाय, कॉफी, कपास, काली मिर्च समेत अन्य उत्पादों का निर्यात करता है।
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