यमन में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय अभियानों के समन्वयक डेविड ग्रेसली ने बताया कि यमन के चार तथा बांग्लादेश के एक नागरिक को अगवा किया गया था, इन्हें अब रिहा कर दिया गया है और सभी की ‘‘सेहत अच्छी है....लेकिन उन्होंने काफी मुश्किल वक्त गुजारा है।’’
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि इन लोगों की रिहाई के लिए काफी बातचीत की गई और इस प्रक्रिया में ओमान के अधिकारी भी शामिल थे।
ग्रेसली ने देश के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में यमन के चार नागरिकों के साथ लौटने के बाद संयुक्त राष्ट्र के संवाददाताओं से कहा ,‘‘ मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि अगवा करने वालों का संबंध ‘अलकायदा इन द अरेबियन पेनेंसुला’ से था।’’
इस समूह को ‘एक्यूएपी’ के नाम से भी जाना जाता है और यह दक्षिणी यमन में वर्षों से सक्रिय है। इसे अलकायदा नेटवर्क की सबसे खतरनाक शाखाओं में से एक माना जाता है। इस समूह ने अमेरिका पर भी हमले करने के प्रयास किए हैं।
ग्रेसली ने कहा,‘‘ यह यमन के लिए एक खतरा है और यह खतरा बढ़ रहा है।’’
अतीत में यमन के अधिकारियों ने संवाददाताओं को बताया था कि फरवरी 2022 में संदिग्ध अल-कायदा आतंकवादियों ने दक्षिणी यमन के अबयान प्रांत से संयुक्त राष्ट्र के पांच कर्मचारियों का अपहरण कर लिया है।
हक ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि अकम सुफीउल अनम , माजेन बावजीर, बकील अल-महदी, मोहम्मद अल-मुलाइकी और खालिद मुख्तार शेख को रिहा किया गया है। से सभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा विभाग के लिए काम करते थे।
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