विदेश की खबरें | संरा प्रमुख, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. गुतारेस के अनुसार, बढ़ते वैश्विक खाद्य संकट की वजह से भुखमरी के खतरे की आहट महसूस की जा सकती है।
गुतारेस के अनुसार, बढ़ते वैश्विक खाद्य संकट की वजह से भुखमरी के खतरे की आहट महसूस की जा सकती है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि उन्होंने यूक्रेन में स्थित यूरोप के सबसे बड़े जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र की सुरक्षा पर भी चर्चा की, जहां पिछले तीन दिनों से बमबारी बंद हो गई है। गुतारेस के मुताबिक, युद्ध बंदियों के मुद्दे पर भी बातचीत हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि अभी भी बातचीत हो रही है। मुझे दृढ़ता से उम्मीद है कि युद्ध बंदियों की समस्या पूरी तरह से हल हो जाएगी और दोनों पक्ष सभी युद्ध बंदियों का आदान-प्रदान करेंगे।’’
गुतारेस ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुतिन ने उन्हें बताया कि 29 जुलाई को पूर्वी यूक्रेन के एक अलगाववादी क्षेत्र में स्थित ओलेनिव्का जेल में कैदियों के मारे जाने की घटना की जांच के लिए रूस और यूक्रेन के अनुरोध पर उन्होंने एक तथ्य-खोज मिशन नियुक्त किया है।
इस घटना को लेकर दोनों देश एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगा रहे हैं। अलगाववादियों के अधिकारियों और रूसी अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में 53 यूक्रेनी युद्ध बंदी मारे गए और 75 घायल हो गए।
गुतारेस ने कहा कि 18 अगस्त को ल्वीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ उनकी बैठक और जेलेंस्की के कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक के साथ नियमित बातचीत के बाद उनकी पुतिन से वार्ता हुई।
पुतिन अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व नेताओं की वार्षिक सभा में शामिल नहीं हो रहे हैं। गुतारेस के अनुसार, विश्व निकाय की महासभा की यह बैठक ‘एक बड़े संकट के समय’ में हो रही है।
महासचिव ने कहा, ‘‘हमारी दुनिया युद्ध से परेशान है। वह जलवायु संकट, नफरत, गरीबी, भूख व असमानता जैसी समस्याओं का सामना कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध न केवल देश को तबाह कर रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नीचे ले जा रहा है और शांति समझौते की उम्मीद ‘न्यूनतम’ है।
गुतारेस ने कहा कि काला सागर बंदरगाहों से यूक्रेन के अनाज का निर्यात शुरू करने और वैश्विक बाजारों में रूसी खाद्य और उर्वरक उपलब्ध करने के लिए 22 जुलाई के सौदे के बावजूद, इस साल भुखमरी और अकाल का खतरा मंडरा रहा है।
महासचिव ने कहा कि उर्वरक की ऊंची कीमतों ने पहले ही फसलों की रोपाई को कम कर दिया है और यही कारण है कि रूस द्वारा उर्वरकों के एक प्रमुख घटक अमोनिया के निर्यात को बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
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