देश की खबरें | यूजीसी ने अदालत से कहा: जामिया ने जरूरी मानदंडों को पूरा किए बिना प्रोफेसर की नियुक्ति की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में इतिहास और संस्कृति विभाग में एक प्रोफेसर की नियुक्ति में चयन प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है।
नयी दिल्ली, तीन अगस्त विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में इतिहास और संस्कृति विभाग में एक प्रोफेसर की नियुक्ति में चयन प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है।
मामला डॉ. नाजिम हुसैन अल-जाफरी की नियुक्ति से जुड़ा है। यूजीसी ने कहा कि उनकी नियुक्ति जरूरी मानदंडों के बिना और चयन प्रक्रिया का उल्लंघन करके की गयी।
इसने यह दावा अपने लिखित अभ्यावेदन में किया है, जिसे उसने अदालत के समक्ष रिकॉर्ड पर रखने का अनुरोध किया है। उच्च न्यायालय ने यूजीसी की अर्जी पर जेएमआई से जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तारीख मुकर्रर करते हुए कहा, "आप अर्जी का संक्षिप्त जवाब दाखिल करें।"
प्रोफेसर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली एक याचिका को एकल पीठ द्वारा खारिज किए जाने के बाद इसके खिलाफ अपील दायर की गयी थी। युगल पीठ ने इस अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
यूजीसी ने अपने लिखित अभ्यावेदन में कहा है कि जेएमआई ने यूजीसी (विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों और शैक्षकेतर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा में मानकों के रखरखाव के अन्य उपाय) नियमावली, 2018 के मानदंडों का उल्लंघन करते हुए प्रोफेसर की नियुक्ति की है।
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