तिरुवनंतपुरम, तीन अगस्त केरल में कांग्रेस नीत विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का इस्तीफा मांगते हुए सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में ऑनलाइन प्रदर्शन किया तथा उन्हें सोने की तस्करी मामले को लेकर घेरते हुए वाममोर्चा सरकार में ‘‘अप्रत्याशित भ्रष्टाचार एवं भाई-भतीजावाद’’ का आरोप लगाया।
राज्य के विभिन्न हिस्सों से विधायकों एवं सांसदों समेत यूडीएफ नेताओं ने कोविड-19 महामारी से संबंधित नियमों का पालन करते हुए ‘सत्याग्रह’ स्पीकअप केरल में सुबह नौ बजे से लेकर एक बजे तक हिस्सा लिया। वे वीडियो कांफ्रेंस, फेसबुक लाइव और सोशल मीडिया के अन्य चैनलों से आपस में जुड़े।
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विपक्ष के नेता रमेश चेन्नितला ने अपने सरकारी आवास से, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एम रामचंद्रन यहां कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन और पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने कोट्टायम के पुथुपल्ली से इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
नयी दिल्ली से इस प्रदर्शन का उद्घाटन करते हुए कांग्रेस के केरल मामलों के प्रभारी महासचिव महासचिव मुकुल वासनिक ने कहा कि राज्य सरकार इस महामारी के चलते उत्पन्न ‘ अप्रत्याशित’ स्थिति मे लेागों को राहत और सहयोग करने में विफल रही है और वह भ्रष्टाचार एवं भाईभतीजावाद का बढ़ावा देने के लिए उसकी ‘आड़’ ले रही है।
उन्होंने कहा कि सोने की तस्करी की जांच में मुख्यमंत्री कार्यालय पर अंगुली उठ रही है और मुख्यमंत्री कार्यालय के एक शीर्ष अधिकारी से जांच अधिकारियों ने पूछताछ की है।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह गंभीर मामला है जिसका प्रभाव राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है।’’
चेन्नितला ने सीबीआई जांच की अपनी मांग दोहरायी।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सोने की तस्करी के इस मामले से राज्य की वर्तमान सरकार ने दुनिया भर में केरल की छवि गिरायी है।’’
उन्होंने केरल लोकसेवा आयाग द्वारा तैयार रैंक सूची के खत्म हो जाने के बाद पिछले दरवाजे से कथित नियुक्ति को लेकर भी सरकार को निशाना बनाया।
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया।
रामचंद्रन ने कहा, ‘‘ वर्तमान वाम सरकार राज्य के लिए बोझ बन गयी है। चूंकि सोने की तस्करी के मामले के अंतरराष्ट्रीय असर हैं , इसलिए रॉ को भी इस मामले की जांच करनी चाहिए। ’’
राज्य सरकार तब से विपक्ष के निशाने पर है जब से यह खबर आयी कि निलंबित आईएएस अधकारी और पूर्व आईटी सचिव शिवशंकर का इस मामले के आरोपियों से गहरा संबंध है।
पांच जुलाई को सीमशुल्क विभाग ने एक राजनयिक बैग से 15 करोड़ रूपये मूल्य का करीब 30 किलोग्राम सोना जब्त किया था। यह बैग संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास के नाम से था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी और सीमाशुल्क विभाग इस मामले की जांच कर रहे हैं।
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