देश की खबरें | यूडीएफ, भाजपा ने टी पी चंद्रशेखरन हत्याकांड के तीन दोषियों को सजा में छूट दिए जाने का विरोध किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में 2012 के सनसनीखेज टी. पी. चंद्रशेखरन हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए 12 दोषियों में से तीन की सजा में केरल सरकार द्वारा कथित तौर पर छूट दिए जाने को लेकर राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया।

कोच्चि/तिरुवनंतपुरम, 22 जून केरल में 2012 के सनसनीखेज टी. पी. चंद्रशेखरन हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए 12 दोषियों में से तीन की सजा में केरल सरकार द्वारा कथित तौर पर छूट दिए जाने को लेकर राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया।

कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस कदम के लिए वाम मोर्चा सरकार की आलोचना की है।

कांग्रेस महासचिव एवं अलप्पुझा से सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि न केवल कांग्रेस, बल्कि पूरा राज्य वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के इस प्रयास का "कड़ा विरोध" करेगा।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने कहा कि सरकार की ओर से यह एक "अजीब" फैसला है, क्योंकि दोषियों की सजा में छूट पर विचार करना उच्च न्यायालय के उस फैसले का उल्लंघन होगा, जिसमें उसे ऐसा करने से मना किया गया था।

सतीशन ने आरोप लगाया कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार चंद्रशेखरन को 51 जगह जख्म देने वाले अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही है।

सतीशन ने दावा किया कि सरकार ने दोषियों को कई बार पैरोल भी दिया है और उन लोगों को जेल में पांच सितारा सुविधाएं प्रदान की हैं तथा उन्हें जेल के भीतर से संदिग्ध वित्तीय लेनदेन करने में सक्षम बनाया है।

उन्होंने आरोप लगाया, "माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) एक ऐसी पार्टी बन गई है जो ऐसे अपराधियों को संरक्षण देती है जो कुछ भी करने में संकोच नहीं करते। वे अब भी अहंकारी हैं और उनका मानना है कि वे कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास सत्ता है।’’

सतीशन ने पूछा, "उच्च न्यायालय ने जब सजा में छूट पर रोक लगा रखी है तो उन्हें या जेल अधीक्षक को दोषियों की सजा में छूट देने का क्या अधिकार है?"

विपक्षी नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव में बड़ा झटका लगने के बावजूद राज्य में सत्तारूढ़ माकपा "गलतियां" कर रही है और इससे सबक सीखने या खुद में सुधार करने को तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी तरह की छूट नहीं देने दी जाएगी और ऐसा करने के किसी भी कदम का यूडीएफ द्वारा कड़ा विरोध किया जाएगा।

यूडीएफ विधायक एवं चंद्रशेखरन की विधवा के के रेमा ने इस घटनाक्रम पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह "अप्रत्याशित" है, क्योंकि दोषियों को किसी भी तरह की छूट देने पर उच्च न्यायालय ने प्रतिबंधित कर रखा है।

उच्च न्यायालय ने मामले में 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 27 फरवरी के अपने आदेश में कहा था कि उनमें से नौ को 20 साल की सजा पूरी करने से पहले छूट नहीं मिलेगी। टी के राजेश, के के मुहम्मद शफी और एस सिजिथ उन नौ अपराधियों में शामिल हैं जिन्हें छूट नहीं दी जानी है, लेकिन सरकार इन तीनों को कथित तौर पर छूट देने पर विचार कर रही है।

चंद्रशेखरन (52) की एक गिरोह ने उस समय हत्या कर दी थी जब वह अपनी बाइक से घर लौट रहे थे।

केरल में तत्कालीन यूडीएफ सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था।

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