विदेश की खबरें | रूस निर्मित मिसाइल की चपेट में आने से दो लोगों की मौत : पोलैंड

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अगर मिसाइल के रूस निर्मित होने की पुष्टि हो जाती है तो यूक्रेन पर आक्रमण के बाद यह पहली बार होगा, जब रूस ने किसी ‘नाटो’ सदस्य देश पर कोई हथियार दागा है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अगर मिसाइल के रूस निर्मित होने की पुष्टि हो जाती है तो यूक्रेन पर आक्रमण के बाद यह पहली बार होगा, जब रूस ने किसी ‘नाटो’ सदस्य देश पर कोई हथियार दागा है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले को ‘युद्ध को बढ़ावा देने वाला’ कदम बताते हुए इसकी निंदा की।

पोलैंड के प्रधानमंत्री मैटिअस्ज मोराविएकी ने कहा कि उनकी सरकार हमले की जांच कर ही है और सैन्य तैयारियां भी बढ़ा दी गई हैं।

पोलैंड के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार देर रात एक बयान जारी कर कहा था कि मिसाइल के रूस निर्मित होने का पता चला है।

हालांकि, पोलैंड के राष्ट्रपति डूडा ने बताया कि अभी अधिकारियों को यह पता नहीं चल पाया है कि मिसाइल किसने और कहां से दागी। उन्होंने कहा कि यह ‘शायद’ रूस निर्मित है, लेकिन इस तथ्य की अभी पुष्टि की जा रही है।

इस बीच, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने पोलैंड की यूक्रेन से लगी सीमा के पास हुए मिसाइल हमले पर चर्चा करने के लिए गठबंधन सदस्यों के दूतों की एक आपात बैठक बुलाई।

पोलैंड की ओर से जारी बयान में मिसाइल के गलती से उसकी सीमा में गिरने या यूक्रेन की मिसाइल रोधी प्रणाली के उसे मार गिराने के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

अगर रूस ने जानबूझकर पोलैंड को निशाना बनाया है तो उसे 30 देशों के गठबंधन से टकराव का सामना कर पड़ सकता है, क्योंकि नाटो गठबंधन की नींव इस सिद्धांत पर रखी गई है कि किसी भी सदस्य देश पर हमला गठबंधन पर हमला माना जाएगा।

पोलैंड की मीडिया की खबरों के अनुसार, मिसाइल यूक्रेन की सीमा के पास प्रेजवोदो गांव में गिरी।

इस बीच, रूस के रक्षा मंत्रालय ने ‘यूक्रेन-पोलैंड सीमा के पास मिसाइल हमले’ में उसका हाथ होने से इनकार करते हुए एक बयान में कहा कि तस्वीरों में कथित तौर पर जो नुकसान नजर आ रहा है, उसका रूसी हथियारों से ‘कोई लेना-देना’ नहीं है।

खबरों के अनुसार, पोलैंड के विदेश मंत्री बिग्नेव राउ ने रूसी राजदूत को तलब किया और मामले पर ‘तत्काल विस्तृत स्पष्टीकरण देने की मांग की।’

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को कहा कि इस बात की ‘संभावना कम’ है कि मिसाइल रूस ने दागी। हालांकि, वह पोलैंड की जांच का समर्थन करेंगे, जिसने मिसाइल को ‘रूस निर्मित’ बताया है।

वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक बयान में कहा कि पोलैंड ने इस बात के सबूत पेश किए हैं कि ‘आतंक सिर्फ हमारे देश की सीमा तक सीमित नहीं है।’

जेलेंस्की ने कहा, ‘‘ हमें आतंकवादी को उसका स्थान दिखाना होगा। रूस जब तक इससे बचता रहेगा, तब तक उन सभी पर खतरा मंडराता रहेगा, जहां तक रूसी मिसाइलों की पहुंच हैं।’’

रूस ने यूक्रेन के पूर्व से लेकर पश्चिमी इलाके तक मंगलवार को ऊर्जा तथा अन्य प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले किए थे, जिससे एक बड़ा बिजली संकट खड़ा हो गया।

जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने कम से कम 85 मिसाइलें दागीं, जिनमें से अधिकतर ने देश के बिजली प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया और इससे कई शहरों में अंधेरा छा गया।

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