श्रीनगर, 27 जून गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) में कुछ समय तक रहने के बाद जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मंत्री शुक्रवार को कांग्रेस में लौट आए।
ताज मोहिउद्दीन और गुलाम मोहम्मद सरूरी यहां पार्टी कार्यालय में कांग्रेस में शामिल हो गए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी महासचिव नासिर हुसैन, केंद्र शासित प्रदेश के पार्टी प्रमुख तारिक हमीद कर्रा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मोहिउद्दीन और सरूरी का पार्टी में स्वागत किया।
बारामूला जिले के उरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मोहिउद्दीन ने अगस्त 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी और आजाद के कांग्रेस छोड़ने पर डीपीएपी में शामिल हो गए। बाद में अगस्त 2024 में मोहिउद्दीन ने डीपीएपी छोड़ दी और पिछले साल एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन असफल रहे।
सरूरी अगस्त 2022 में कांग्रेस से डीपीएपी में चले गए थे। उन्होंने इंदरवाल से चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिलने के बाद आजाद की पार्टी छोड़ दी थी।
दोनों नेताओं का स्वागत करते हुए हुसैन ने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर में पार्टी के लिए खुशी का क्षण है, क्योंकि जो लोग ‘‘किसी भी कारण से हमसे अलग हो गए थे, वे वापस आ गए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे वरिष्ठ नेता हैं, जो विधायक और मंत्री रह चुके हैं।’’
कांग्रेस में वापसी पर मोहिउद्दीन ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं 40 साल से पार्टी में हूं। मुझे ऐसा नहीं लगता कि मैंने कभी पार्टी छोड़ी है, मुझे लगता है कि मैं छुट्टी पर था। मैं पार्टी नेतृत्व का आभारी हूं कि उन्होंने मेरी गलती माफ कर दी।’’
सरूरी ने पार्टी में दोबारा शामिल होने को ‘‘घर वापसी’’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पार्टी नेतृत्व का आभारी हूं। इंसान से गलती होती है और मैं अपनी गलती के लिए माफी मांगता हूं।’’
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