देश की खबरें | खीरी हिंसा में मरने वाले दो किसान बहराइच के, गांव और इलाके में दुख व नाराजगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इसके विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर मुख्यमंत्री के पुतले फूंके और मौन सत्याग्रह किया। तमाम संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन देकर घटना का विरोध जताया है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सोमवार को बहराइच व श्रावस्ती का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया था।
इसके विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर मुख्यमंत्री के पुतले फूंके और मौन सत्याग्रह किया। तमाम संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन देकर घटना का विरोध जताया है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सोमवार को बहराइच व श्रावस्ती का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया था।
सोमवार की शाम तक बहराइच के दोनों किसानों के शव उनके घर नहीं पहुंचे थे। इस संदर्भ में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अशोक कुमार ने बताया, ‘‘एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) व एक निरीक्षक (इंस्पेक्टर) मृतक किसानों के शव लाने लखीमपुर गए हुए हैं। लखीमपुर में शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद उन्हें यहां लाया जाएगा और उनका अंतिम संस्कार होगा। सूर्यास्त होने तक शव नहीं पहुंच सके हैं इसलिए मंगलवार सुबह ही अंतिम संस्कार हो सकेगा।"
मृतकों में 22 वर्षीय अविवाहित गुरविंदर सिंह बहराइच जिले के मटेरा थाना क्षेत्र के मोहरनिया के निवासी थे। गुरविंदर गुरुद्वारे के ग्रंथी थे इसलिए लोग इन्हें "ज्ञानी जी" भी कहते थे। गुरविंदर अक्सर लखीमपुर के तिकुनिया स्थित गुरुद्वारे में पाठ करने जाते थे। परिजनों ने बताया कि वह साधु प्रकृति का था और किसी तरह के झगड़े व विवाद से दूर रहता था। दूसरे किसान दलजीत सिंह (42) नानपारा कोतवाली क्षेत्र के बंजारन टांडा गांव के निवासी थे।
दोनों गांवों में दुख भरे माहौल का सन्नाटा पसरा है और मृतकों के परिजनों व गांव वासियों ने दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रविवार को खीरी में हुई हिंसा के बाद बहराइच से लखीमपुर मैलानी रेल मार्ग पर कल से एहतियातन रेल सेवा बंद रखी गई है और यहां से लखीमपुर व सीतापुर को जाने वाले सड़क मार्ग को भी पुलिस ने सील किया हुआ है। पुलिस व प्रशासनिक के वरिष्ठ अधिकारी गांव में मौजूद हैं।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि दलजीत सिंह की एक 20 साल की अविवाहित बेटी व दो लड़के हैं। बड़ा बेटा हाईस्कूल में पढ़ता है। गांव वासियों ने बताया कि मृतक दलजीत के 15 वर्षीय पुत्र के सामने ही उसके पिता को जीप से कुचलकर मार डाला गया।
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