देश की खबरें | बैंककर्मी समेत दो कोरोना मरीजों ने सोशल मीडिया पर बयान की सरकारी अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वैश्विक महामारी कोरोना से संक्रमित होने के कारण बलिया जिले के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती एक बैंक कर्मचारी सहित दो रोगियों के चिकित्सालय में अव्यवस्था का खुलासा करने वाला ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने रोगियों को आजमगढ़ भेजने की कवायद शुरू कर दी है।
बलिया (उप्र), पांच जुलाई वैश्विक महामारी कोरोना से संक्रमित होने के कारण बलिया जिले के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती एक बैंक कर्मचारी सहित दो रोगियों के चिकित्सालय में अव्यवस्था का खुलासा करने वाला ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने रोगियों को आजमगढ़ भेजने की कवायद शुरू कर दी है।
भारतीय स्टेट बैंक के एक संक्रमित कर्मचारी का बैंक के अधिकारी से बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस ऑडियो में बैंक का संक्रमित कर्मचारी बता रहा है कि उसे तेज खांसी आ रही है तथा सांस फूल रही है, लेकिन सरकारी अस्पताल में उसका इलाज नहीं किया जा रहा है।
कर्मचारी का आरोप है कि रोगी को देखने के लिए कोई चिकित्सक नहीं आ रहा और न ही दवा अस्पताल में उपलब्ध है।
इसी तरह जिले के रेवती इलाके में भर्ती एक संक्रमित युवक का वीडियो फेसबुक पर वायरल हुआ है। वीडियो में युवक कह रहा है कि वह दो जुलाई से बसन्तपुर स्थित एल—1 सरकारी अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल में उसे शुद्ध पानी तक नहीं मिल रहा है। अस्पताल में शौचालय और स्नान में बहुत गंदगी है। अस्पताल में भर्ती रोगियों का कोई हाल लेने वाला नहीं है।
जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो व ऑडियो का मामला उनकी जानकारी में है। बैंक के अधिकारियों तथा अन्य लोगों ने भी उन्हें फोन करके इसकी जानकारी दी है। रोगियों की शिकायत को देखते हुए उन्हें आजमगढ़ स्थित एल—2 अस्पताल में स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बसन्तपुर स्थित एल—1 अस्पताल में निरीक्षण के लिए भेजा था। शाही ने कोरोना संक्रमित रोगियों के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि अस्पताल में खाने पीने की कोई समस्या नहीं है।
उन्होंने बताया कि सुविधा भोगी लोग रोगी के रूप में अस्पताल में भर्ती कराये गये हैं। रोगियों की चाहत अस्पताल की बजाय गृह पृथक-वास में रहने की है। वे रोगी पेशबंदी के लिए सोशल मीडिया पर ऑडियो—वीडियो वायरल करा रहे हैं।
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