देश की खबरें | दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की ‘सेवा’ कर रहे दो भाई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की मदद करने वाले रंतिर सिंह, पंजाब के एक मैकेनिक हैं जो मुफ्त में कारों और ट्रेक्टर की मरम्मत से लेकर उन डॉक्टरों को गन्ने का रस तक पिला रहे हैं जो प्रदर्शनकारियों की देखभाल में लगे हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, तीन दिसंबर दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की मदद करने वाले रंतिर सिंह, पंजाब के एक मैकेनिक हैं जो मुफ्त में कारों और ट्रेक्टर की मरम्मत से लेकर उन डॉक्टरों को गन्ने का रस तक पिला रहे हैं जो प्रदर्शनकारियों की देखभाल में लगे हैं।

बरनाला जिले के निवासी रंतिर ने कहा, “मेरा भाई जसवंत सिंह टिकरी बॉर्डर पर है और वह भी वही कर रहा है। वह भी एक मैकेनिक है।”

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दोनों भाई उन हजारों लोगों में से हैं जो नए कृषि कानूनों के विरोध में दो बॉर्डरों पर एकत्रित हुए हैं।

कुछ किसानों का कहना है कि इन कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और उन्हें बड़े कारपोरेट घरानों की दया पर छोड़ दिया जाएगा।

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सिंघू बॉर्डर पर शुक्रवार से डटे 40 वर्षीय रंतिर ने कहा, “यह सेवा है और हम इसके लिए पैसे नहीं लेते।”

उन्होंने कहा, “मैंने यहां सिंघू बॉर्डर पर किसानों के 30 से 35 ट्रैक्टरों की मरम्मत की है। यह सेवा है जिसके लिए पैसा नहीं लेते। मैंने दो तीन कारें भी ठीक की हैं।”

उन्होंने कहा, “मैंने आठवीं तक की पढ़ाई की है और 14 वर्ष की उम्र से मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा हूं। हमारे पास एक ट्रैक्टर है और हमने उस पर लाउडस्पीकर लगाया है। हम दिन में तीन बार आवाज लगाते हैं कि यदि किसी को मैकेनिक की आवश्यकता हो हमसे संपर्क करे।”

इसके अलावा रंतिर उन डॉक्टरों को गन्ने का रस भी पिलाते हैं जो प्रदर्शनकारियों की देखभाल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मेरा भाई जसवंत सिंह भी गांव से आया है। वह टिकरी बॉर्डर पर है और इसी प्रकार की सेवा कर रहा है।”

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