देश की खबरें | ठाणे के नकली भारतीय मुद्रा मामले में दो बांग्लादेशियों को 10 साल कारावास की सजा
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नयी दिल्ली, आठ जून मुंबई स्थित राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने ठाणे के नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) मामले में दो बांग्लादेशी नागरिकों को 10 साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई है।
संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि बांग्लादेश के खुलना के रहने वाले नजमुल हसन और अब्दुल्ला शैकदर पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून की धाराओं के तहत 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि बांग्लादेश से उच्च गुणवत्ता के नकली नोट खरीदकर महाराष्ट्र में उनका इस्तेमाल किया जा रहा था। ये नकली नोट 4,08,000 रुपये के अंकित मूल्य के थे। इस संबंध में ठाणे शहर की अपराध शाखा के स्वापक रोधी प्रकोष्ठ द्वारा साझा की गई विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर 2015 में मूल रूप से ठाणे शहर पुलिस में मामला दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि एनआईए की जांच में पता चला कि अब्दुल्ला पांच अन्य आरोपियों (सभी खुलना निवासी हैं) की मदद से ठाणे जिले के विभिन्न हिस्सों में उच्च गुणवत्ता के नकली नोट चला रहा था।
उसके दो साथियों हसन और मोहम्मद सोबुज मोतुर खान को गिरफ्तार कर लिया गया था।
प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआत में पुलिस ने आरोपियों की तलाशी के दौरान 1,000 रुपये के 40 नकली नोट बरामद किए थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद, उनके घरों की तलाशी के दौरान 1,000 रुपए के अंकित मूल्य वाले 364 नकली नोट जब्त किए गए, जबकि मामले के तीन गवाहों के पास से भी इसी प्रकार के नोट बरामद किए गए।
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