विदेश की खबरें | तुर्की ने हजारों लोगों को सीरिया लौटने को कहा: अधिकार समूह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. न्यूयॉर्क स्थित ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने एक रिपोर्ट में कहा कि अस्थायी सुरक्षा के तहत तुर्की में रहने वाले प्रवासियों के साथ व्यवहार अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। तुर्की सरकार ने पूर्व में शरणार्थियों को जबरन सीरिया भेजने के आरोपों को खारिज किया था।
न्यूयॉर्क स्थित ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने एक रिपोर्ट में कहा कि अस्थायी सुरक्षा के तहत तुर्की में रहने वाले प्रवासियों के साथ व्यवहार अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। तुर्की सरकार ने पूर्व में शरणार्थियों को जबरन सीरिया भेजने के आरोपों को खारिज किया था।
तुर्की में दुनिया की सबसे बड़ी शरणार्थियों की आबादी रहती है, जिसमें ज्यादातर 36 लाख सीरियाई हैं जो अपने देश में दशक भर के युद्ध से पलायन कर आए थे।
‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने कहा कि निर्वासित सीरियाई लोगों ने शोधकर्ताओं को बताया कि तुर्की के अधिकारियों ने उन्हें उनके घरों, कार्यस्थलों और सड़कों पर हिरासत में लिया।
इसके बाद उन्हें बेहद खराब परिस्थितियों में हिरासत में रखा गया था जिनमें से अधिकांश को पीटा गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें सीरिया लौटने के लिए सहमति दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।
सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग ने पिछले महीने दोहराया था कि लौटने वाले लोगों के लिए सीरिया सुरक्षित नहीं है।
इस महीने की शुरुआत में तुर्की के एक अधिकारी ने कहा कि लगभग 527,000 सीरियाई स्वेच्छा से अपने देश लौटे हैं। मई में सीरिया के उत्तर-पश्चिम इदलिब क्षेत्र में घर-निर्माण योजना की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने कहा कि इससे तुर्की से 10 लाख शरणार्थियों की वापसी की सुविधा मिलेगी।
एर्दोआन ने हाल में सीरिया के प्रति नीति में बदलाव का संकेत दिया है, जिससे सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद के साथ बातचीत की संभावना के संकेत मिले हैं।
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