विदेश की खबरें | ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंधों का मेरे जीवन और काम पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा : फ्रांसेस्का अल्बानीज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. फ्रांसेस्का गाजी पट्टी और वेस्ट बैंक के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष वार्ताकार हैं। वह जेनेवा में 47 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की ओर से चुने गए एक विशेषज्ञ समूह की सदस्य भी हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

फ्रांसेस्का गाजी पट्टी और वेस्ट बैंक के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष वार्ताकार हैं। वह जेनेवा में 47 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की ओर से चुने गए एक विशेषज्ञ समूह की सदस्य भी हैं।

फ्रांसेस्का को फलस्तीनी क्षेत्र में मानवाधिकारों के कथित हनन की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। वह गाजा पट्टी में फलस्तीनियों के “नरसंहार” को लेकर इजराइल की मुखर आलोचक रही हैं। हालांकि, इजराइल और उसे सैन्य सहायता उपलब्ध कराने वाले अमेरिका, दोनों ने फ्रांसेस्का के आरोप का दृढ़तापूर्वक खंडन किया है।

अमेरिका ने कहा कि उसके और इजराइल के खिलाफ एक तरह का “राजनीतिक और आर्थिक युद्ध अभियान” चलाया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने फ्रांसेस्का को उनके पद से हटाने के लिए संयुक्त राष्ट्र पर दबाव डाला था, लेकिन वह इसमें नाकाम रहा, जिसके बाद उसने जुलाई की शुरुआत में उन पर प्रतिबंध लगा दिए।

फ्रांसेस्का ने मंगलवार को रोम में समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से बातचीत में कहा, “अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित लोगों की सूची में शामिल होना बहुत गंभीर बात है। अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित व्यक्ति किसी भी अमेरिकी बैंक के साथ वित्तीय लेन-देन नहीं कर सकते।”

उन्होंने कहा कि जब प्रतिबंधों को “राजनीतिक तरीके से” इस्तेमाल किया जाता है, तो ये “हानिकारक और खतरनाक होते हैं।”

फ्रांसेस्का ने कहा, “मेरी बेटी अमेरिकी है। मैं अमेरिका में रह रही हूं और वहां मेरी कुछ संपत्तियां हैं। तो जाहिर है, इससे मुझे नुकसान होगा।”

उन्होंने कहा, “मैं क्या कर सकती हूं? मैंने जो कुछ भी किया, वह सब अच्छे इरादे से किया। मुझे पता है कि न्याय के प्रति मेरी प्रतिबद्धता व्यक्तिगत हितों से ज्यादा महत्वपूर्ण है।”

एपी

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