भारत-बांग्लादेश सीमा पर फंसे ट्रक चालक अपने परिवार की आर्थिक मदद नहीं करने को लेकर ज्यादा चिंतित

ये ट्रक चालक भारी माल के साथ बांग्लादेश जा रहे थे लेकिन बंद की वजह से चकदाहा में फंसे हुए हैं। फंसे हुए चालकों में से ज्यादातर पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और नगालैंड से हैं। उनका आरोप है कि उनके ट्रांसपोर्टरों ने उन्हें इस हाल में छोड़ दिया है और अब वे उनका फोन भी नहीं उठा रहे हैं।

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कल्याणी (पश्चिम बंगाल), एक मई कोरोना वायरस महामारी के बीच बंद की वजह से पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फंसे ट्रक चालकों का कहना है कि वह मौजूदा समय में कोरोना वायरस की वजह से उपजी अपनी स्थिति से ज्यादा इस बात से चिंतित हैं कि वह जरूरत के वक्त परिवार की आर्थिक मदद नहीं कर पा रहे हैं।

ये ट्रक चालक भारी माल के साथ बांग्लादेश जा रहे थे लेकिन बंद की वजह से चकदाहा में फंसे हुए हैं। फंसे हुए चालकों में से ज्यादातर पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और नगालैंड से हैं। उनका आरोप है कि उनके ट्रांसपोर्टरों ने उन्हें इस हाल में छोड़ दिया है और अब वे उनका फोन भी नहीं उठा रहे हैं।

स्थानीय विधायक रत्ना घोष कार ने इन फंसे ट्रक चालकों को राहत सामग्री दी है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इन फंसे ट्रक चालकों की समस्या के बारे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात करूंगी।’’

कार ने इन ट्रक चालकों के साथ अपना नंबर भी साझा किया है और उनसे कहा है कि वह मदद के लिए कॉल कर सकते हैं।

पंजाब के एक चालक बलराज सिंह ने कहा कि उनके बच्चे के स्कूल वाले लगातार शुल्क के लिए दबाव बना रहे हैं और वे अपने घर से दूर पश्चिम बंगाल में बिना कुछ कमाए फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्टर मालिक कॉल भी नहीं उठा रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने खाने की व्यवस्था की है लेकिन अभी इस संकट की घड़ी में परिवार की मदद नहीं करने को लेकर वे ज्यादा चिंतित हैं।

वहीं अन्य चालकों का भी कहना है कि उनका परिवार भी इसी तरह की समस्या से पीड़ित है।

बांग्लादेश जाने वाले ट्रक उत्तर 24 परगना में नादिया के चकदाहा के जरिए पेट्रोपोल सीमा से होकर गुजरते हैं।

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