जरुरी जानकारी | फंसा कर्ज: व्यक्तिगत गारंटी देने वालों के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई पर विचार करें बैंक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से उन मामलों को देखने को कहा है, जहां कर्ज नहीं चुकाने वाले कॉरपोरेट देनदारों की व्यक्तिगत गारंटी लेने वालों पर दिवालिया कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
नयी दिल्ली, 27 अगस्त वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से उन मामलों को देखने को कहा है, जहां कर्ज नहीं चुकाने वाले कॉरपोरेट देनदारों की व्यक्तिगत गारंटी लेने वालों पर दिवालिया कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) तनावग्रस्त परिसंपत्तियों के लिए समयबद्ध और बाजार से जुड़ा समाधान मुहैया कराता है। संहिता के तहत कॉरपोरेट देनदारों के मामले में व्यक्तिगत तौर पर गारंटी देने वालों के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू करने का प्रावधान भी है, हालांकि बकाया राशि वसूलने के लिए ऋणदाताओं ने इस प्रावधान का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया है।
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वित्तीय सेवा विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को एक सलाह में उन मामलों की निगरानी पर विचार करने को कहा है, जिनमें राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष व्यक्तिगत दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत पड़ सकती है।
सलाह में कहा गया कि बैंक ऐसे मामलों में व्यक्तिगत गारंटर से लेकर कॉरपोरेट कर्जदार के आंकड़े जमा करने के लिए एक आईटी प्रणाली की स्थापना पर विचार कर सकते हैं। यह सलाह 26 अगस्त को जारी की गई।
कॉरपोरेट कर्जदारों के व्यक्तिगत गारंटर के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का नियम पिछले साल दिसंबर से लागू हुआ।
हाल में एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को अनिल अंबानी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी, जो 1,200 करोड़ रुपये की वसूली के मामले में व्यक्तिगत गारंटर हैं।
यह शायद किसी व्यवसाय के प्रमुख के खिलाफ पहली दिवालिया कार्रवाई थी, जिन्होंने कर्ज लेने के लिए व्यक्तिगत गारंटी दी थी।
हालांकि, दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनसीएलटी के इस आदेश पर गुरुवार को रोक लगा दी।
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