जरुरी जानकारी | पूर्वोत्तर में दूरसंचार ढांचे पर ट्राई की सिफारिशें सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने वाली:सीओएआई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उद्योग निकाय सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने कहा है कि पूर्वोत्तर राज्यों में दूरसंचार बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने वाली भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ताजा सिफारिशें प्रगतिशील हैं और इससे क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक और डिजिटल प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।

नयी दिल्ली, 25 सितंबर उद्योग निकाय सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने कहा है कि पूर्वोत्तर राज्यों में दूरसंचार बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने वाली भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ताजा सिफारिशें प्रगतिशील हैं और इससे क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक और डिजिटल प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।

सीओएआई ने बयान में कहा, ‘‘ग्रामीण, आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों में पांच साल की अवधि के लिए ‘राइट ऑफ वे’ (आरओडब्ल्यू) शुल्क से छूट की ट्राई की सिफारिश दूरसंचार परिचालकों को कम आबादी वाले क्षेत्रों में नेटवर्क तैनाती और निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

सीओएआई के महानिदेशक एस पी कोचर ने कहा, ‘‘उद्योग को भरोसा है कि यदि इन्हें अक्षरश: लागू किया जाए, तो ये प्रगतिशील सिफारिशें देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में दूरसंचार और ब्रॉडबैंड सेवाओं के प्रसार को और अधिक गति प्रदान करेंगी, जिससे सामाजिक-आर्थिक और डिजिटल प्रगति को बढ़ावा मिलेगा...।’’

रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया सहित अन्य दूरसंचार कंपनियां सीओएआई की सदस्य हैं।

दूरसंचार क्षेत्र के लिए बिजली आपूर्ति के प्रावधान पर ट्राई ने सुझाव दिया है कि दूरसंचार साइट को प्राथमिकता के तौर पर (कनेक्शन अनुरोध के 15 दिनों के भीतर) और उपयोगिता/औद्योगिक शुल्क दरों पर बिजली प्रदान की जाए।

सीओएआई ने बताया, ‘‘इसके अलावा, दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में दूरसंचार साइट तक बिजली कनेक्शन बढ़ाने के लिए अंतिम छोर स्थापना शुल्क को माफ करने या सब्सिडी देने की सिफारिश की गई है।

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