नयी दिल्ली, आठ जून ओडिशा रेल दुर्घटना के मद्देनजर रेलवे ने अपने सभी मंडलों को ट्रेन प्रबंधकों तथा नियंत्रकों को उनके कर्तव्यों के बारे में प्रशिक्षण देने के लिए सत्र आयोजित करने की सलाह दी है ताकि रेलगाड़ियों का सुरक्षित और सुगम आवागमन हो सके।
गत दो जून को बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर में 288 लोगों की मौत हो गयी और 1,000 से अधिक यात्री घायल हो गये।
रेल मंत्रालय ने घटना की प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली के साथ संभावित छेड़छाड़ की बात सामने आने के बाद जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी है।
रेलवे बोर्ड ने प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधकों को भेजे परामर्श में कहा कि भारतीय रेलवे की ट्रेनों के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए ट्रेन प्रबंधकों और अनुभाग नियंत्रकों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में समय-समय पर परामर्श देने की एक प्रणाली की आवश्यकता है।
उसने कहा, ‘‘कुछ जोन में यह प्रणाली पहले से है और समस्त जोन में सभी स्टेशन मास्टर (एसएम) के लिए है।’’
रेलवे ने अधिकारियों से कहा है कि परामर्श को अत्यावश्यक समझा जाए।
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