देश की खबरें | टीएमसी ने राहुल-अभिषेक 'मुलाकात' का स्वागत किया, प्रदेश कांग्रेस का सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना

कोलकाता, 31 अगस्त तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच ‘मुलाकात’ को ‘‘भाजपा के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने’’ की दिशा में स्वागत योग्य कदम बताया। वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि यह टीएमसी द्वारा देश के मूड को भांपते हुए सबसे पुरानी पार्टी के करीब आने का एक प्रयास है।

बुधवार सुबह बनर्जी के नयी दिल्ली स्थित राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की खबरें आई हैं। एक प्रमुख बंगाली दैनिक ने इस बैठक की खबर दी है। हालांकि, टीएमसी ने अभी तक इस बात को स्वीकार करते हुए कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है कि ऐसी कोई बैठक हुई।

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री एवं टीएमसी नेता ब्रत्य बसु ने कहा, ‘‘हम देश के दो प्रमुख राजनीतिक दलों के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच ऐसी बैठकों का स्वागत करते हैं। भाजपा के खिलाफ लड़ाई में हम ऐसी बैठकों का स्वागत करते हैं। स्वाभाविक रूप से, विपक्षी खेमे के महत्वपूर्ण नेता मिलेंगे और भाजपा को हराने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। ऐसी और बैठकें नियमित रूप से होनी चाहिए।’’

उनके सुर में सुर मिलाते हुए टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने कहा, ‘‘मौजूदा परिस्थितियों में भाजपा के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना सबसे महत्वपूर्ण बात होनी चाहिए।’’

सेन ने कहा, ‘‘कांग्रेस की प्रदेश इकाई भाजपा से मुकाबला करने के बजाय हमारे खिलाफ लड़ने में अधिक रुचि रखती है। लेकिन हमें नहीं लगता कि कांग्रेस नेतृत्व उन विचारों से सहमत है। वर्तमान परिस्थितियों में भाजपा के खिलाफ लड़ना सबसे महत्वपूर्ण बात होनी चाहिए। हम इस बैठक का स्वागत करते हैं।’’

हालांकि, टीएमसी नेतृत्व ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या यह बैठक 2024 के लोकसभा चुनावों में राज्य में टीएमसी-कांग्रेस गठबंधन के पहले की बैठक है। उन्होंने कहा, ‘‘अभी इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।’’

टीएमसी और कांग्रेस का 2001 और 2011 के विधानसभा चुनावों तथा 2009 के लोकसभा चुनावों में तालमेल था। कांग्रेस का वर्तमान में बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के साथ गठबंधन में है।

बैठक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने आश्चर्य जताया कि क्या टीएमसी भाजपा के खिलाफ मुकाबले की अपनी क्षमता पर बार-बार सवाल उठने के बाद कांग्रेस के करीब आने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ महीने पहले तक टीएमसी पूरी तरह से कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ थी। सफल भारत जोड़ो यात्रा और कर्नाटक चुनाव में जीत के बाद हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं। अब टीएमसी अपनी नीति को गुपचुप रूप से भाजपा समर्थक से कांग्रेस की सहयोगी बनाने की कोशिश कर रही है।’’

लोकसभा में कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘टीएमसी नेतृत्व ने देश के बदलते रुख को महसूस किया है, जो भाजपा शासन से छुटकारा पाने का प्रयास कर रहा है।’’

अभिषेक-राहुल की कथित बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आश्चर्य जताया कि एक राजनीतिक बैठक के बारे में इतनी गोपनीयता क्यों है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘कांग्रेस को स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए कि वे टीएमसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों का समर्थन करते हैं या नहीं। इतनी गोपनीयता क्यों है? वे क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?’’

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