देश की खबरें | एनईपी के तीन वर्ष: दस शीर्ष पहलों की स्थिति की पड़ताल

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नयी दिल्ली, 30 जुलाई देश में 34 साल पुरानी शिक्षा नीति की जगह नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति अधिसूचित होने के तीन साल बाद, केंद्र द्वारा कई पहल शुरू की गई हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 में प्रस्तावित शीर्ष 10 पहलों की स्थिति की यहां पड़ताल की गई है:

1. मूलभूत चरण के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा:

यह भारत में तीन से आठ वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पहला एकीकृत पाठ्यक्रम ढांचा है। "जादुई पिटारा: एनसीएफ एफएस पर आधारित ‘लर्निंग टीचिंग मटेरियल’ फरवरी में पेश किया गया था। इसमें तीन से आठ वर्ष की आयु के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षण-शिक्षण सामग्री शामिल है।

2. विद्या प्रवेश:

एनसीईआरटी ने कक्षा एक के लिए "विद्या प्रवेश" नामक तीन महीने का खेल-आधारित स्कूल तैयारी मॉड्यूल विकसित किया है। मॉड्यूल अनिवार्य रूप से कक्षा 1 में प्रवेश करने वाले बच्चों के लिए लगभग 12 सप्ताह का विकासात्मक रूप से उपयुक्त निर्देश है ताकि बच्चे की पूर्व-साक्षरता, पूर्व-संख्यात्मकता, संज्ञानात्मक और सामाजिक कौशल को बढ़ावा दिया जा सके। अब तक सिक्किम, मणिपुर और केरल को छोड़कर 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वर्ष 2022-23 से विद्या प्रवेश लागू कर दिया है।

3. उभरते भारत के लिए पीएम स्कूल (पीएम एसएचआरआई):

प्रधानमंत्री ने 29 जुलाई को पीएम श्री एचआरआई योजना के तहत धनराशि की पहली किस्त जारी की। योजना के तहत स्कूल छात्रों को इस तरह से पोषित करेंगे कि वे एक समतापूर्ण, समावेशी और बहुलवादी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध, उत्पादक और योगदान देने वाले नागरिक बनें, जैसी एनईपी के तहत परिकल्पना की गई है।

4. शिक्षा में भारतीय ओं को बढ़ावा:

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