देश की खबरें | तीन अध्यादेशों से खुलेंगे किसानों की खुशहाली व उन्नति के नए द्वार :जेपी दलाल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने मंगलवार को कहा है कि किसान हित में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन अध्यादेशों से किसानों की खुशहाली व उन्नति के नए द्वार खुलेंगे।
भिवानी, 22 सितंबर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने मंगलवार को कहा है कि किसान हित में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन अध्यादेशों से किसानों की खुशहाली व उन्नति के नए द्वार खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि तीनों अध्यादेशों की हर तरफ सराहना हो रही है, जो विपक्ष को हजम नहीं हो रहा है लेकिन प्रदेश का जागरूक किसान विपक्ष की बातों में आने वाला नहीं है।
दलाल ने कहा कि अध्यादेशों के समर्थन व इनको शीघ्र लागू किए जाने को लेकर प्रगतिशील किसानों द्वारा किए गए प्रदर्शन ने अपनी सहमति की मुहर लगाने का काम किया है।
कृषि मंत्री दलाल ने एक बयान में कहा है कि पूर्व की सरकारों ने किसानों की आंखों में केवल धूल झोंकने का काम किया है और किसानों को बरगलाकर उनके वोट हासिल किए हैं, जबकि किसानों की वास्तविक हितैषी भाजपा सरकार है। उन्होंने कहा कि तीनों अध्यादेश लागू होने पर प्रदेश का किसान और अधिक खुशहाल व उन्नत होगा। किसान अपनी मर्जी से अपनी फसल बेच सकेगा। किसान पर किसी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी लेकिन विपक्ष किसानों को बहकाने का काम कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश व केंद्र की भाजपा सरकार समय-समय पर किसानों के हित की नीतियां व योजनाएं लागू कर रहीं हैं, यह सब विपक्ष को रास नहीं आ रहा है।
उन्होंने कहा है कि अध्यादेशों में किसानों को अपनी फसल बिक्री के लिए छूट दी गई है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)कम नहीं होगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह किसानों की आर्थिक आज़ादी के लिए उठाया गया सही कदम है क्योंकि किसान के उत्पाद बेचने के लिये चार विकल्प दिए गए हैं। किसान स्वयं अपना माल बेचें, उत्पादक संघ बनाकर अपना माल बेचें,किसी व्यवसायी से अनुबंध करके अपना माल बेचें अथवा स्थानीय मंडी में समर्थन मूल्य पर अपना माल बेचें।
उन्होंने कहा कि अनुबंध खेती में ई- रजिस्ट्री में सारा लेखा-जोखा होगा। अनुबंध करने वाला व्यवसायी अपनी शर्तों से भाग नहीं सकेगा। कोई भी व्यवसायी अनुबंध खेती की आड़ में किसानों की ज़मीन नहीं ले सकेगा। कोई भी व्यवसायी एक बार अधिक धन देकर उसके चुकाने की एवज़ में किसानों से बंधुआ खेती भी नहीं करा सकेगा। इतना ही नहीं कोई व्यवसायी खेत में यदि ट्यूबवेल व पोली हाउस जैसा ढांचा खड़ा कराता है और यदि वह अनुबंध के बाद निश्चित समय के भीतर उसे नहीं हटाता है, तो किसान उसका मालिक बन जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इसके अलावा किसानों को नवीनतम खेती की जानकारी मिल सकेगी।
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