देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर में तीन सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाना अत्यंत निंदनीय: हुर्रियत प्रमुख

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श्रीनगर, 15 फरवरी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने शनिवार को उपराज्यपाल द्वारा तीन कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने की निंदा की और पूछा कि क्या सरकार सभी कश्मीरियों को सरकारी नौकरियों से हटाना चाहती है।

इससे पहले दिन में अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (सी) का इस्तेमाल करते हुए जेल में बंद एक पुलिसकर्मी समेत तीन सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं।

अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों द्वारा उनके आतंकी संबंधों की स्पष्ट रूप से पुष्टि किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।

मीरवाइज ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "इस तरह के तानाशाही तरीके से राज्य के तीन और कर्मचारियों को बर्खास्त करना बेहद निंदनीय है। क्या शासक सभी कश्मीरियों को धीरे-धीरे और लगातार सरकारी सेवाओं से हटाकर उन्हें बेरोजगार बनाना चाहते हैं?"

उन्होंने कहा कि निर्वाचित सरकार का यह कर्तव्य है कि वह तत्काल इस मुद्दे को उठाए।

फारूक ने कहा, "निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि वे इस मुद्दे को संबंधित पक्षों के समक्ष तत्काल उठाएं, जैसा कि उन्होंने अपने घोषणापत्र में वादा किया है और इस उत्पीड़न को रोकें।"

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