देश की खबरें | यह ‘अमृत काल’ नहीं, बल्कि ‘ज़हर काल’ :माकपा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारतीय जनता पार्टी के ‘अमृत काल’ के नारे को लेकर उसपर बृहस्पतिवार को ज़ोरदार हमला बोलते हुए दावा किया कि दक्षिणपंथी पार्टी के शासकाल को ‘ज़हर काल’ कहना चाहिए।
अमरपुर (त्रिपुरा), नौ फरवरी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारतीय जनता पार्टी के ‘अमृत काल’ के नारे को लेकर उसपर बृहस्पतिवार को ज़ोरदार हमला बोलते हुए दावा किया कि दक्षिणपंथी पार्टी के शासकाल को ‘ज़हर काल’ कहना चाहिए।
वाम दल का त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ मुकाबला है। उसने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के संविधान पर हमला शुरू किया है और राजनीतिक बढ़त के लिए धर्म को औज़ार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।
राजधानी अगरतला से 70 किलोमीटर दूर स्थित अमरपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने कहा, “ प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है, लेकिन हमने पाया कि इस साल के बजट में खाद्य सब्सिडी में कटौती की गई है ।… यह अमृत काल नहीं है, यह जहर काल है।”
अमरपुर गोमती जिले का उपमंडल है जहां मिश्रित आबादी है। इसमें तीन विधानसभा क्षेत्र हैं जिनमें से दो बिरजगंज और अम्पीनगर पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है, क्योंकि वाम-कांग्रेस गठबंधन, टिपरा मोथा और भाजपा ने इनपर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
माकपा नेता करात ने कहा, “ वे धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। हिंदुत्व की उनकी विचारधारा का धर्म के रूप में हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। यह चुनावी लाभ के लिए हमारे लोगों को बांटने का एक राजनीतिक औज़ार है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़ भाजपा ने "हमारे संवैधानिक संस्थानों को नष्ट करके संविधान पर बुलडोजर चला दिया है।"
वाम दल लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि भाजपा अदालतों और मीडिया जैसी संस्थाओं को कमजोर कर रही है।
भाजपा पर देश की लोकतांत्रिक बुनियाद को कमजोर करने का इल्ज़ाम लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा गुमनाम चुनावी बांड जारी कर करोड़ों रुपये बटोर रही है।
करात ने दावा किया, “ बड़े औद्योगिक घराने चुनावी बांड में करोड़ रुपये डाल रहे हैं जिसका इस्तेमाल चुनावी मकसद के लिए किया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वाम दलों ने टिपरा मोथा से मिलकर चुनाव लड़ने का आग्रह किया था लेकिन जनजातीय दल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पूर्व राज परिवार के सदस्य ने यह दल बनाया है।
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