नयी दिल्ली, 18 जुलाई विदेश मंत्रालय (एमईए) ने यूरोपीय संघ द्वारा रूस पर, विशेष रूप से उसके ऊर्जा व्यापार पर, नए दंडात्मक उपायों की घोषणा के जवाब में कहा कि भारत किसी भी एकतरफा प्रतिबंध उपायों का समर्थन नहीं करता है।
यूरोपीय संघ (ईयू) ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को लेकर रूस पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इसमें भारत की वाडिनार रिफाइनरी का भी नाम शामिल है, जिसमें रूसी ऊर्जा कंपनी रोसनेफ्ट की बड़ी हिस्सेदारी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत किसी भी एकतरफा प्रतिबंध का समर्थन नहीं करता है।
जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने यूरोपीय संघ द्वारा घोषित नवीनतम प्रतिबंधों पर गौर किया है।’’
उन्होंने कहा कि भारत एक ‘‘जिम्मेदार’’ देश है और अपने कानूनी दायित्वों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार अपने नागरिकों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा के प्रावधान को बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात पर जोर देंगे कि दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए, खासकर जब ऊर्जा व्यापार की बात हो।’’
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